गुरुवार, 5 जनवरी 2017

सफ़ेद दाग : निदान के घरेलू उपचार



          अनेक व्यक्तियों की त्वचा पर कभी किसी विशेष कारण से सफेद दाग की विकट समस्या उत्पन्न हो जाती है । यदि आपके परिचित या परिजनों में कोई इस समस्या से ग्रसित दिखे तो उन्हें इन घरेलू उपचार से इससे मुक्ति पाने की राह दिखाएँ-

           1.  तुलसी का तेल बनायें, जड़ सहित एक हरा भरा तुलसी का पौधा लायें, धोकर व कूटपीस कर इसका रस निकाल लें । आधा लीटर पानी व  आधा किलो सरसों के तेल में इस रस को डालकर हल्की आंच पर पकाएं सिर्फ तेल बच जाने पर छानकर शीशी में भर लें। अब इसे सफेद दाग पर लगायें ।

            2.  लहसुन के रस में छोटी हरड घिसकर लेप करने तथा लहसुन का सेवन भी करते रहने से धीरे-धीरे ये दाग मिट जाते हैं ।

           3.  एलोवेरा जेल आधा कप मात्रा में रोज सुबह लेते रहने से सफ़ेद दाग नियंत्रण में आ जाते हैंं ।

           4.  गोभी के पत्तों का रस निकालकर उसे प्रभावित जगहों पर लगाएं ।

           5.  एक चम्मच चावल के  पाउडर को, समान मात्रा में चंदन पाउडर और हल्दी पाउडर के साथ मिलाकर इस मिश्रण में  2 चम्मच (चाय के) .शहद मिलाकर लेप बनावें और इसे प्रभावित स्थान पर लगाएँ व  10 मिनट के बाद धो डालें. यह एक सफाई एजेंट के रूप में कार्य करेगा और सफेद धब्बे की उपस्थिति को रोकेगा ।

           6.  छाछ भी इसके उपचार में उपयोगी मानी जाती है और दिन में दो बार इसे एक-एक गिलास की मात्रा में पीने की सलाह दी जाती है । 

           7.  उडद को पानी में गलाकर व पीसकर इसके लेप को चार महिने तक प्रभावित स्थान पर लगाने से भी इस समस्या का निदान होता है । और

           8.  125 ग्राम पीसी हुई हल्दी को 500 ग्राम स्प्रिट में मिलाकर कांच की शीशी में कार्क या ढक्कन लगाकर धूप में रख दें और दिन में तीन बार अच्छी तरह से हिलाकर तीन दिन तक इसी प्रकार धूप देते रहें । पश्चात् इसे छानकर कांच की शीशी में ही भरकर रख लें और प्रतिदिन हल्दी के इस टिंचर को सफेद दाग वाले स्थान पर लगाते रहें । इसके साथ ही एक चम्मच हल्दी सुबह-शाम दो बार गर्म दूध के साथ फंकी लेकर सेवन करते रहें । इस प्रकार 4 से 6 महिने के धीरज के साथ किये जाने वाले प्रयोग से पूर्ण लाभ मिल सकेगा ।

इसके अलावा-
           शरीर से विषाक्त पदार्थ जैसे- मल, मूत्र, पसीने काे बाहर निकालने वाले वेगों को  ना राेकें ।
            इस रोग में आपको मिठाई, रबड़ी, दूध और दही के  सेवन से बचना चाहिएं ।
 
          गरिष्ठ(भारी) भोजन का सेवन  व  उड़द की दाल,  मांस,  मछली आदि का सेवन बिल्कुल ना करें ।
            भोजन में खटाई, तेज मिर्च और गुड़ का सेवन ना करें ।
           ज्यादा नमक खाना आपके लिए हानिकारक हाे सकता हैं। इसलिए कम से कम नमक का सेवन करें ।



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