शुक्रवार, 17 जनवरी 2020

सावधान ! नहाने में गर्म पानी के इस खतरनाक तरीके से...



        सबसे पहले आज 17-01.2020 के दैनिक भास्कर इन्दौर पेज 2 पर प्रकाशित ये खबर...

        बाथरुम में नहाने गई कम्प्यूटर साईंस की 19 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई । पुलिस ने जांच के बाद खुलासा किया कि गैस गीजर के कारण छात्रा की मौत हुई । परिजन ने छात्रा की त्वचा व आंखें दान कर दी ।

        अन्नपूर्णा टी. आई. सतीश द्विवेदी ने बताया घटना वैशाली नगर में टायर कारोबारी विपुल जाविया (पाटीदार) के घर हुई । उनकी 19 वर्षीय बेटी प्रियांशी सुबह साढे 7 बजे बाथरुम में नहाने गई थी । चाचा प्रकाश जाविया ने बताया कि वह सांवेर रोड स्थित श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट ऑफ साईंस एंड टेक्नोलॉजी में कम्प्यूटर साईंस की सेकंड ईयर की छात्रा थी । टी. आई. द्विवेदी के मुताबिक बाथरुम में गैस और सोलर गीजर दोनों लगे हैं । छात्रा ने गैस गीजर का स्वीच ऑन कर रखा था । लगातार पानी गरम होने से संभवतः ऑक्सीजन की कमी हुई और गीजर की फ्लेम से कॉर्बन मोनो ऑक्साईड गैस जमा हो गई इससे वह बेहोश हुई । अगर समय रहते दरवाजा खोल देते तो उसकी जान बच जाती ।

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         अभी-अभी ही इस प्रकार की यह तीसरी दुर्घटना है जो इस प्रकार बाथरुम में गैस गीजर चलाकर नहाने से आज इन्दौर में हुई है । हाल ही में बम्बई में घटी घटना का वीडियो भी कल ही सामने आया था उसे भी हम आपकी जानकारी हेतु यहाँ प्रसारित कर रहे हैं ।

       आप कृपया विशेष ध्यान दें कि भूलकर भी बाथरुम में गैस गीजर नहीं लगवाएं और यदि लगा रखा है और आपकी खुशकिस्मती से ऐसी कोई दुर्घटना आपके सामने नहीं आई हो तो तत्काल उसे बाथरुम से निकलवा दें ।

        यदि आर्थिक बचत के कारण आप गैस गीजर लगवा भी रहे हों तो इसे खुले स्थान पर ऐसी जगह लगावे जहाँ से हवा का मुक्त प्रवाह बना रह सके फिर भले ही आपके बाहर से बाल्टी भरकर बाथरुम में ले जाने की मेहनत अलग से ही क्यों न करनी पडे ।


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देखिये कल मिलने वाला बम्बई की घटना का यह वीडिओ-



बुधवार, 15 जनवरी 2020

ऐसे प्राप्त करें दिन भर के लिये - चुस्ती-फूर्ति व उर्जा...


      हममें से अधिकांश लोगों का सुबह-सुबह नींद से उठने का मन नहीं होता लेकिन टाईम टेबल के मुताबिक उठना पड़ता है । नींद पूरी न हो पाने के कारण कई बार दिनभर सुस्ती रहती है और कभी-कभी काम में मन भी नहीं लग पाता है । अगर आपके साथ भी ऐसी समस्या रहती हो  तो योग विधा से जुडी सिर्फ 10 मिनिट में कर सकने योग्य ये सरल सी तीन एक्सरसाइज आपकी भरपूर मदद कर सकती हैं । इन एक्सरसाइज को करने से न सिर्फ आपकी थकान, सुस्ती व आलस दूर हो जाएंगे बल्कि आप भरपूर चेतना, उर्जा व आनंद मिश्रित प्रसन्नता के साथ अपने दिन की बेहतर शुरुआत कर सकेंगे । इसके लिये आप सुबह बिस्तर से उठने के बाद एक ग्लास पानी पिएं और उसी समय करलें ये  आसान सी एक्सरसाइज ।

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      निश्चित रुप से इसके पश्चात् आप दिन भर की क्रियाशीलता के बाद भी अपनी उर्जा को बरकरार रख सकेंगे । इसके अलावा इससे आपकी दिन में भूख व रात में नींद की सायकल भी सुधरती जाएगी, जिससे आप कम नींद में भी शरीर की सारी थकान आसानी से मिटा पाएंगे । आइए जानते हैं कि सुबह उठने के बाद आपको कैसे करनी चाहिए अपने दिन की शुरुआत...

     इसके लिये आपको सुबह-सुबह जिम में जाकर घंटों पसीना बहाने की जरूरत नहीं है बस सुबह बिस्तर छोडते ही आप एक गिलास कुनकुना या सादा पानी पिएं और इस एक्सरसाइज के लिए तैयार हो जाएं । आप इसे घर के किसी कमरे में,  छत परपार्क में या सड़क पर कहीं भी आसानी से कर सकते हैं-

          1 स्ट्रेचिंग (तानासन)- इसके लिये सबसे पहले अपने दोनों पैरों के बीच थोड़ा अंतर रखते हुए बिल्कुल सीधे खड़े हो जाएं । फिर अपने दोनों हाथों को ऊपर की तरफ सीध में जितना ज्यादा उठा सकते हैं उठाएं व इसके साथ ही अपनी एड़ियां भी उठाएं । कोशिश करें जैसे आप आसमान को छूने की कोशिश कर रहे हों । 10 सेकंड रुकने के बाद फिर पहले वाली पोजीशन में आ जाएं । इसके बाद अपने हाथों को दाएं-बाएं फैलाएं और फिर विपरीत दिशा में ले जाते हुए कमर को स्ट्रेच करें । इसके बाद हाथों को दोबारा ऊपर की तरफ उठाकर झुकते हुए पैर की उंगलियों को छुएं । ये सभी क्रियाएं 5-5  बार कर लें । इस तरह आपके पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग हो जाएगी ।


2 पावर पुशअप्स- स्ट्रेचिंग करने के बाद आपका शरीर एक्सरसाइज के लिए तैयार हो जाएगा । अब आपको तुरंत पुशअप्स करने हैं,  जिससे आपके सीने,  भुजाएं,  एब्स और पैरों को फायदा मिलेगा । पुशअप्स करने के लिए जमीन पर पेट के बल लेट जाएं और अपनी हथेलियों को जमीन पर इस तरह रखें कि ये आपके सीने के सामने आएं । अब अपने हाथों की शक्ति के सहारे अपने पूरे शरीर को ऊपर उठाएं और फिर पहले वाली पोजीशन में आ जाएं। इससे आपकी बांहों पर जोर पड़ेगा । आप जितने पुशअप्स कर सकते हैं, उतने करें । शुरुआत में अगर आप 5-10  पुशअप्स भी करते हैं,  तो ये आपके लिए पर्याप्त होगा ।


3 सूमो स्क्वैट - सूमो स्क्वैट करने से आपके कमर के नीचे के हिस्सों की अच्छी एक्सरसाइज हो जाती है । इसे करने के लिए सबसे पहले अपने पैरों के बीच थोड़ी जगह बनाते हुए सीधा खड़े हो जाएं । अब अपने दोनों हाथों को अपने सिर के पीछे ले जाकर लॉक कर लें। इसके बाद बिना आगे की तरफ झुके हुए  बैठने की पोजीशन में आएं । घुटनों को मोड़ते हुए आप जितने नीचे तक बैठ सकते हैं, बैठें और फिर वापस खड़े हो जाएं । इस तरह 10 सेट करें । इसके बाद आप अपने दाएं पैर को दाईं दिशा में फैलाते हुए ऊपर उठाएं और फिर पहले वाली पोजीशन में आ जाएं। इसके बाद बाएं पैर को बाईं दिशा में फैलाते हुए ऊपर उठाएं और फिर पहले वाली पोजीशन में आ जाएं ।

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      इस प्रकार लगभग 10 मिनिट के आसपास के इस आसान अभ्यास से शरीर का रोम-रोम जागृत हो जाता है और हम चुस्त-दुरुस्त व अपेक्षाकृत प्रसन्न अवस्था में अपने दिन की भरपूर उर्जा के साथ शुरुआत कर पाते हैं ।

सौजन्य : अरिहन्त योगासन हस्तमुद्रा.                                   चित्र : गुगल.

मंगलवार, 7 जनवरी 2020

हड्डियों की कमजोरी से बचाव.

      सामान्य जीवन में हमारे 45-50 वर्ष की उम्र में आने तक शरीर की सभी प्रकार की क्षमताओं में कमी आना प्रारम्भ हो जाता है । बालों में सफेदी (हेअर डाई की जरुरत), नजर में कमी (चश्मे की जरुरत) और हड्डियों में कमजोरी की शुरुआत बहुसंख्यक लोगों में यहीं से शुरु होती है जिसे हम सामान्य स्थिति में प्रौढावस्था कहते हैं । यहाँ हम मुख्य रुप से हड्डियों में होने वाली कमजोरी की बात कर रहे हैं जिसके कारण अक्सर घुटनों को मोडने में कट-कट जैसी आवाजें आना प्रारम्भ हो जाती है । 

      किसी भी प्रकार की अनावश्यक दुर्घटना से बचाव हेतु यहीं से हमें अपने शरीर के सामान्य हलन-चलन व उठने-बैठने में कुछ अधिक सावधानी रखने की आवश्यकता होने लगती है अतः यदि आपको भी इस प्रकार से जोडों की हड्डियों में दर्द या घुटनों में कट-कट जैसी आवाज आती महसूस होने लगे तो इससे बचाव के लिये सबसे पहले अपने खान-पान में ये प्रयोग अवश्य प्रारम्भ करें-

     
      1. मेथीदाने- मेथीदाने का सेवन हड्डियों की मजबूती के लिए बेहद उपयोगी है । इसके लिए रात को आप आधा चम्मच मेथीदाने एक गिलास पानी में भिगो दें  व सुबह उन भीगे हुए मेथी के दानों को चबा-चबा कर खाने के साथ ही इसके पानी को भी पी लें । नियमित रूप से यह आदत बना लेने पर हड्डियों से आवाज आना बंद होने में मदद मिलेगी । 

      2. दूध- हड्डियों से कट-कट की आवाज आने का मतलब ये भी हो सकता है कि उनमें लुब्रिकेंट की कमी हो गई हो । अक्सर उम्र बढ़ने के साथ ही यह समस्या बढ़ने लगती है । इसलिए शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम देना जरूरी होता है । ऐसे में कैल्शियम के लिये गेहूं के दाने बराबर खाने के चूने को दिन में एक बार एक गिलास पानी में घोलकर पीने के साथ ही नियमित दूध अवश्य पिएं ।

      3. गुड़ व चना- भूने हुए चने के साथ गुड़ का सेवन शरीर के लिए अत्यंत फायदेमंद होता है । भुने चने में कार्बोहाइड्रेट,  प्रोटीन,  कैल्शियम,  आयरन और विटामिन भरपूर मात्रा में पाया जाता है । दिन में एक बार गुड़ और भुने हुए चने जरूर खाएं । इससे हड्डियों की कमजोरी दूर होगी और कट-कट की आवाज आना भी बंद हो जाएगी ।

     इसके अलावा घुटनों को लम्बे समय तक कार्यक्षम बनाये रखने के लिये जमीन पर आलथी-पालथी लगाकर बैठना कम कर दें क्योंकि जब हम इस स्थिति से वापस उठकर खडे होते हैं तब इन घुटनों को शरीर को वापस खडा करने में शरीर के सामान्य भार से दोगुना तक अधिक वजन उठाना पडता है जो इसकी कार्यक्षमता को और अधिक कम करता है । पलंग पर यदि हम इस आलथी-पालथी वाली मुद्रा में बैठते हैं तो वहाँ यह असर नहीं पडेगा क्योंकि तब हम सिर्फ पांव फैलाकर ही पलंग या तखत जैसे स्थान से आसानी से उतरकर खडे हो जाएंगे किंतु जमीन से उठकर खडे होने में स्थिति बदल जाती है ।


       अपनी हड्डियों की मजबूती के साथ ही सामान्य स्वास्थ्य को बनाये रखने के लिये नित्य सुबह आधा घंटा सामान्य चाल से टहलना या चलना, हल्का-फुल्का योग प्राणायाम करना, स्वीमिंग करना ये ऐसे माध्यम होते हैं जहाँ हम अपने शरीर की इन क्षमताओं को निरन्तर बना-बढा सकते हैं ।  इसलिये इससे पहले कि ऐसी स्थिति हमारे लिये आगे चलकर किसी बडी समस्या का कारण बने अपनी सतर्कता को ही अपनी सुरक्षा का माध्यम अवश्य बनाएं ।


बुधवार, 1 जनवरी 2020

पेट की समस्याओं का रामबाण इलाज...

           यदि आप एसिडिटी से परेशान हैं  और गैस व कब्‍ज के कारण पेट भी ठीक से साफ नहीं हो पा रहा है,  दवाईयां राहत देती दिखती तो है, लेकिन समस्‍या का समाधान नहीं हो रहा है तो ऐसी स्थिति में आप यह रामबाण ड्रिंक उपयोग कर पेट की समस्याओं से राहत पा सकते हैं ।
      पेट व गैस की समस्याओं के लिये रामबाण उपाय के रुप में यह ड्रिंक सिर्फ जीरा और अजवाइन से बनाया जाता है । अच्छी बात यह है कि ये दोनों सामग्री हमारे किचन में हमेशा उपलब्‍ध रहती है । यह ड्रिंक शरीर के मेटाबॉलिज्‍म और डाइजेशन में सुधार करती है और हम इसे आसानी से तैयार कर सकते हैं ।

      गैस, एसिडिटी एक सामान्य समस्या है जिससे प्रत्येक इंसान को जीवन में कभी न कभी परेशान होना पडता है। सामान्यतः हमारी खान-पान की गलतियां जैसे तला-भुना हैवी खाना, अधिक खाने के तुरंत बाद सो जाना, ऐसी स्थितियों में गैस, एसिडिटी व कब्ज की समस्या अधिक परेशान करती है । ऐसे में यह रामबाण ड्रिंक तत्काल राहत प्रदान करते हुए इसका उपचार करती है ।


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      आईये जानें कैसे बनता है यह रामबाण ड्रिंक और इसका इस्‍तेमाल कैसे करना है-

यह रामबाण ड्रिंक बनाने के लिए-
1.  पानी- 1 गिलास
2.  जीरा- 1 छोटा चम्मच
3.  अजवाइन- 1 छोटा चम्मच  की जरुरत होती है ।

ड्रिंक बनाने का तरीका-
इस ड्रिंक को बनाने के लिए कांच या मिट्टी के बर्तन में पानी के साथ जीरे और अजवाइन के बीज मिलाकर इसे रात भर के लिए रख दें।  सुबह इसे छानकर इसके पानी को पी लें । आप चाहे तो इसकी चाय बनाकर भी पी सकते हैं । 
       इसके लिए भी रात को इसे ऐसे ही भिगो दें और सुबह इसे तब तक उबालें जब तक पानी आधा न रह जाए। फिर इसे छानकर चाय की तरह पी लें। टेस्‍ट बढ़ाने के लिए आप इस ड्रिंक में थोड़ा सा कसा हुआ अदरक और नींबू मिला लें ।

       यह ड्रिंक कैसे काम करता है?

      अजवाइन- अजवाइन के फायदों के बारे विशेषज्ञों का कहना हैं कि अजवाइन का पानी सुबह खाली पेट पि‍या जाए तो यह पूरे शरीर के लिए लाभप्रद होता है । अजवाइन में डाइटरी फाइबरकार्बोहाइड्रेट्प्रोटीन और कई तरह के मिनरल्स जैसेफॉस्फोरस,  कैल्शियम आयरन और निकोटिनिक एसिड पाए जाते हैं । इसके अलावा अजवाइन में थाईमोल होता है जो इसे एक अलग स्वाद और महक देता है । 

      आयुर्वेद के अनुसार जिन स्त्रियों व पुरुषों को वात व कफ की समस्या है,  उन सभी के लिए अजवाइन के पानी का सेवन परम गुणकारी है । अजवाइन का पानी महिलाओं के यूट्रस के साथ पेट साफ रखने में मददगार है । यह मेटाबॉलिज्‍म को बूस्ट करते हुए पेट से संबंधित कई समस्याओं से राहत प्रदान करने में मदद करता है । वजन कम करने की कोशिश करते समय यह और भी अच्छा है । अजवाइन का पानी गैस्ट्राइटिस अपच पेट से संबंधित कई समस्याओं माइग्रेन सांस की बीमारियों और अर्थराइटिस की समस्याओं को ठीक करने में अलग-अलग प्रकार से उपयोगी साबित होता है । 

      जीरा- जीरा बीज भारतीय खाने में सबसे परिचित मसाला है । ये एंटीऑक्‍सीडेंट से भरपूर होता है जो पाचन में सुधार करता है और मेटाबॉलिज्‍म के लेवल को संतुलित करते हुए अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है । जीरे का पानी शरीर से विजातिय तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है । हमारे शरीर में मौजूद अवांछित विषाक्त पदार्थों से सूजन,  तनाव का बढ़नाकब्जअपच और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं होती हैं । जीरे का पानी  रोजाना पीने से बॉडी को डिटॉक्‍स करने में मदद मिलती है ।


प्रदूषण से त्वचा की सुरक्षा व सौंदर्यरक्षा...

      न्‍यूट्रीशनिस्ट कविता देवगन का कहना है कि 'जीरा स्‍वाद बढ़ाने के साथ ही बीमारियों को दूर भगाने और वेटलॉस के लिए अत्यंत उपयोगी होता है । जीरे के सेवन से पेट की समस्याएं कब्‍जएसिडिटीगैस आदि दूर होती है और पेट ठीक रहने से शरीर का वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है ।

       इसलिये जब भी कभी आप गैस, एसिडिटी व कब्ज जैसी समस्या से परेशान हों तो आप 2-5 दिन अजवाईन व जीरे का यह रामबाण ड्रिंक बनाकर सुबह 9 बजे तक पीने की आदत बनालें जिससे आपकी न सिर्फ इस समस्या का निदान हो सकेगा बल्कि बोनस में शरीर को और भी अनेकों लाभ मिल सकेंगे ।


सोमवार, 30 दिसंबर 2019

बेकिंग सोडा व नींबू का मिश्रण...



        आपने अपने घर के किसी बुजुर्ग को या किसी अन्य परिचित को कभी बदहजमी व खट्टी डकार जैसी समस्या होने पर घर के ही किचन में मौजूद बेकिंग सोडा को पानी में मिलाकर व उसमें यथेष्ट मात्रा में नींबू का रस मिलाकर पीने के बाद राहत महसूस करते अवश्य देखा होगा । लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ-


       एक गिलास गर्म कुनकुने पानी में आधे नींबू के रस के साथ एक छोटा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर यदि नित्य सुबह अथवा सुबह के भोजन के बाद लिया जावे तो इस मिश्रण का जादुई प्रभाव हमारे शरीर के रोग-प्रतिरोधी तंत्र को सशक्त बनाता है ।

      यह पेय शरीर में संचित अनावश्यक चर्बी को गलाकर व पचाकर बढा हुआ वजन कम करते हुए मोटापे को दूर करने में मदद करता है ।

       किडनी में संचित विषाक्त पदार्थों को पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकालकर शरीर को डिटॉक्स करते हुए अंदर से साफ व स्वस्थ रखता है ।

       किसी भी कारण से हो सकने वाले कैंसर रोग की संभावनाओं को दूर करता है व यदि कैंसर रोग शरीर में पनप रहा हो तो धीमी गति से उसका प्राकृतिक निदान करता है ।

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क्या हैं हम और क्या हमें होना चाहिये...?
      हमारी पाचन प्रणाली को सशक्त बनाता है व हमारे शरीर के PH  लेबल को संतुलित रखता है ।

       सामान्य से लगने वाले नींबू व बेकिंग सोडा के इन फायदों को लेने के लिये आप एक सप्ताह इसका नियमित सेवन करें व दो सप्ताह प्रयोग बंद रखने के बाद पुनः एक सप्ताह फिर के क्रम में इसका उपयोग बनाये रखें ।

शनिवार, 7 दिसंबर 2019

आवश्यक सूचना-



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