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शुक्रवार, 26 अगस्त 2016

घुटनों के दर्द से बचाव के आसान घरेलू उपाय...

           घुटनों का दर्द बहुत ही पीड़ादायक होता है और यह आपको चलने-फिरने में भी असमर्थ कर देता है ऐसे में यदि आपका वजन भी अधिक हो या आप वृद्धावस्था में हों तो घुटनों का दर्द और भी तकलीफदेह हो जाता है । यह बात कम ही लोग जानते हैं कि कुछ आसान घरेलू उपायों की मदद से घुटनों के दर्द की इस तकलीफ से छुटकारा पाया जा सकता है ।  जी हाँ ! यदि आप निम्नलिखित कारणों से घुटनों के दर्द से पीड़ित है:-

           1. घुटनों की माँसपेशियो में खून का दौरा सही नहीं होना,
           2. घुटनों की माँसपेशियो में खिंचाव या तनाव होना,
           3. माँसपेशियो में किसी भी तरह की चोट का प्रभाव,
           4. वृद्धावस्था ।

   तो नीचे बताये गए ये घरेलू उपाय आपको घुटनों के दर्द से छुटकारा दिला सकते हैं...

घुटनों के दर्द से बचाव के उपाय-

           घुटनों का दर्द – उपाय 1. - एक छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, एक  छोटा चम्मच पीसी हुई चीनी या बूरा या शहद (कुछ जानकार यहाँ गुड का प्रयोग करने की सलाह भी देते हैं), एक चुटकी चूना (जो पान में लगा कर खाया जाता है) और आवश्यकतानुसार पानी । इन सभी को अच्छी तरह मिला लीजिये, एक लाल रंग का गाढ़ा पेस्ट बन जाएगा । सोने से पहले यह पेस्ट अपने घुटनों पे लगाइए बिछौना गंदा होने से बचाने के लिये इसे ट्रांसपेरेंट पन्नी के साथ किसी साडीफाल से बांध लें, इसे सारी रात घुटनों पर लगा रहने दें और सुबह साधारण पानी से धो लें । कुछ दिनों तक प्रतिदिन इसका इस्तेमाल करने से सूजन, खिंचाव, चोट आदि के कारण होने वाला घुटनों का दर्द पूरी तरह ठीक हो जाएगा ।

           घुटनों का दर्द – उपाय 2. - एक छोटा चम्मच सोंठ का पाउडर लें और इसमें थोडा सरसों का तेल अच्छी तरह से मिलाकर एक गाढा पेस्ट बना लें । इसे अपने घुटनों पर मलिए और कुछ घंटों बाद इसे धो लीजिये । इसका प्रयोग आप दिन या रात कभी भी कर सकते हैं । इससे आपको घुटनों के दर्द में बहुत जल्दी आराम मिलेगा ।

           घुटनों का दर्द – उपाय 3. - खजूर विटामिन ए, बी, सी, आयरन व फोस्फोरस का एक अच्छा प्राकृतिक स्रोत है इसलिए खजूर घुटनों के दर्द सहित सभी प्रकार के जोड़ों के दर्द के लिए बहुत असरकारक है । आप एक कप पानी में 7-8 खजूर रात भर भिगोयें और सुबह खाली पेट ये खजूर खाएं और जिस पानी में खजूर भिगोये थे, वो पानी भी पियें ऐसा करने से घुटनों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, और घुटनों के दर्द में बहुत लाभ मिलता है ।

           ऐसे ही नारियल भी घुटनों के दर्द के लिए बहुत अच्छी औषधी है । रोजाना सूखा नारियल खाएं, नारियल की गिरी का मिक्सर ग्राईंडर की मदद से दूध बनाकर दिन में दो बार उस दूध का सेवन करें और दिन में दो ही बार घुटनों पर नारियल के तेल की मालिश करें । इससे आपको घुटनों के दर्द में अद्भुत लाभ मिल सकेगा ।

           उपरोक्त उपायों के अलावा हम हेल्थकेअर सर्विस के द्वारा प्रस्तुत घुटनों की आसान एक्सरसाईज का चार्ट भी यहाँ प्रस्तुत कर रहे हैं-


           दिन में कुछ समय यदि आप इसके लिये भी निकाल सकेंगे तो आपको अधिक शीघ्र फायदा मिल सकेगा । यद्यपि आपको लग सकता है कि इतने खटकरम कौन करेगा किंतु यदि आप दीर्घकालीन राहत पाना चाहते हैं तो अपनी सुविधा व सामर्थ्य के मुताबिक इन उपायों का प्रयोग करें और अपने आप को स्वस्थ बनाए रखने का उपाय करें । 

           इसके अलावा भी यदि आप दर्द की अधिकता के कारण कुछ कर ही नहीं पा रहे हैं तो विशेष आयुर्वेदिक पद्धति द्वारा अधिकतम उपयोगी जडी-बूटियों के प्रयोग से निर्मित 100 ग्राम मात्रा में उपलब्ध 200/- रु. मूल्य का शरीर के सभी जोडों के दर्द व जकडन में विशेष राहत दिला सकने वाला शारीरिक दर्द निवारक तेल मंगवाने के लिये मोबाईल फोन नं. +91 91799 10646 पर सम्पर्क कर सकते हैं ।

सोमवार, 8 अगस्त 2016

जीवनदायिनी प्राकृतिक अलसी - नया नजरिया...


            मानव शरीर को स्वस्थ रख सकने में ओमेगा 3 की प्रचुर मात्रा से भरपूर अलसी की गुणवत्ता से हममें से लगभग सभी लोग किसी न किसी रुप में कम या ज्यादा जानकारी के द्वारा लगभग परिचित होंगे । हमारे शरीर का शायद ही कोई अवयव ऐसा होगा जहाँ अलसी अपना गुणकारी प्रभाव न छोड पाती हो । किंतु इसके बाद भी लोग प्रायः इसे अपने आहार में आवश्यक अनुपात में शामिल नहीं कर पाते । यदि यह समझने की कोशिश की जावे कि ऐसा क्यों ? तो जो कुछ जाने-पहचाने कारण समझ में आते हैं, वे ये हो सकते हैं -

            1. अलसी हर जगह बहुतायद से नहीं मिलती, प्रायः इसे ढूंढना पडता है ।

            2. चबाने पर अलसी ऐसा लिसलिसा पदार्थ बनकर मुंह में अरुचिकर व कसैली सी स्थिति बना देती है जो सामान्य तौर पर हम पसन्द नहीं कर पाते ।

            3. अलसी के पूरे स्वास्थ्य-लाभ शरीर को मिल सकें इसके लिये प्रतिदिन लगभग 30 से 60 ग्राम अलसी का सेवन आवश्यक माना जाता है । जहाँ 10-5 ग्राम की मात्रा भी हम नियमित रुप से नहीं ले पाते वहीं 30 से 60 ग्राम तो प्रायः हमारी सोच से भी परे की स्थिति बन जाती है ।

            4. अलसी का तेल भी ढूंढने पर मिल जाता है किंतु प्रायः पेंट इंडस्ट्री (दीवारों का रंग-रोगन, ऑईल पेंट) के काम आने हेतु उपलब्ध यह तेल कच्ची घानियों के अस्वास्थ्यकर माहौल में निकाला जाकर पेंट इंडस्ट्रीयों में सप्लाय कर दिया जाता है । इसे इसी रुप में ग्रहण करने पर शरीर को इसके पूरे लाभ मिलना तो दूर इसमें मौजूद गंदगी व वसा जैसे पदार्थों के कारण इसके वास्तविक लाभों से भी वंचित रह जाना पडता है, और फिर 10-5 ग्राम तेल नित्य लेने पर शरीर को इसके नगण्य से लाभ ही मिल पाते हैं । 

            वर्तमान समय में 'वेस्टीज' नामक कं. ने अपने आधुनिकतम वैज्ञानिक संयत्रों में इसके तेल की गुणवत्ता को अधिकतम शुद्ध रुप में आत्मसात करके इसकी ओमेगा 3 की मात्रा को लगभग 65% सुरक्षित रखते हुए इसे जेल केप्सूल के रुप में मानव समुदाय के लिये इस प्रकार से निर्मित किया है कि सिर्फ दो केप्सूल सामान्य शारीरिक स्वास्थ्य को बरकरार रखने हेतु अथवा तीन केप्सूल रक्त नलिकाओं में ब्लॉकेज की समस्या वाले रोगियों के लिये यदि तीन माह भी आवश्यकतानुसार लगातार ले लिये जावें तो एंजियोप्लास्टी अथवा बायपास सर्जरी की लाखों रुपये खर्चीली त्रासद स्थिति से न सिर्फ रोगग्रस्त व्यक्ति को बल्कि उसके पूरे परिवार को यह फ्लेक्स ऑईल जेल केप्सूल बाहर निकाल लाने में अपनी पावरफूल सक्षमता साबित कर देते हैं. कैसे  ?


             प्रायः रक्त नलिकाओं में घी-तेल में तले जाने वाले मीठे व्यंजन व मसालों से भरपूर वसा व चिकनाईयुक्त आहार के सेवन करने, चौतरफा प्रदूषणयुक्त वातावरण में पेस्टीसाईड व केमिकलयुक्त खाद-बीज व गंदे नाले के पानी में सिंचित सब्जियों के जाने-अनजाने अपने दैनिक आहार में उपयोग में आने जैसे खानपान से व सडकों पर प्रदूषण फैलाती घासलेट, डीजल व पेट्रोल चलित गाडियाों का विषैला धुँआ हमारे शरीर की रक्त नलिकाओं में घातक रुकावट का कारण बनते हुए बेड कोलेस्ट्राल के रुप में जमा होता रहता है और जो ह्रदय में रक्त की पंपिंग प्रक्रिया को निरंतर बढते क्रम में बाधित करता है । इसका सर्वाधिक दुष्प्रभाव हमारे दिल की उन नलिकाओं पर पडता है जहाँ से खून शुद्ध होकर पुनः पूरे  शरीर में परिभ्रमण करते हुए हमारे स्वस्थ जीवन का आधार बनता है । जब वहाँ रक्त-नलिकाओं में निरन्तर बढते क्रम में यह अशुद्धि लगभग जाम जैसी स्थिति बना देती है तब रोगी व्यक्ति का जीवन बचाने हेतु ये खर्चीले आपरेशन ही एकमात्र सहारे के रुप में नजर आते हैं ।
      
             ये प्लेक्स ऑईल केप्सूल कैसे काम करता है  ?
  
             रक्त में जमा कोलेस्ट्राल की स्थिति कमोबेश थर्मोकोल जैसी होती है । किसी भी इलेक्ट्रकल या मिलते-जुलते उत्पाद को जब आप खरीदकर अपने घर लाते हैं तो वह थर्माकोल की पैकिंग में ही आता है । यह थर्माकोल कभी भी नष्ट नहीं होता । आप इसे जलाएंगे तो और अधिक घातक कार्बन उत्सर्जन की प्रक्रिया द्वारा आपके आसपास के वायुमंडल को यह प्रदूषित कर देगा । इसे जमीन में यदि गाड देंगे तो पचास वर्ष बाद भी यह वैसा का वैसा ही वापस निकलेगा । लेकिन यदि इस फ्लेक्स ऑईल केप्सूल में आप इसे डालेंगें तो देखते ही देखते यह थर्माकोल गायब हो जावेगा, जबकि सिर्फ अलसी के तेल में आप इस थर्माकोल को डालेंगे तब यह वैसा का वैसा ही मौजूद रहेगा । इस फ्लेक्स ऑईल की शरीर के लिये उपयोगिता समझने हेतु आप यह छोटा सा वीडियो क्लीपिंग देखकर इस अन्तर को समझ सकते हैं-
 
   

             समस्याओं के प्राथमिक चरण में जब हमें सांस लेने में कम या ज्यादा दिक्कत, चढाव चढने में हाँफनी, कमजोरी, चक्कर आना, सामान्य से अधिक पसीना, बैचेनी व पेट से उपर के भाग में कहीं भी और प्रायः सीने या छाती में बांयी ओर दर्द का अहसास होने लगे तो यह तय मानना चाहिये कि आने वाले किसी भी कल में हमारे समक्ष भी यह खर्चीले ऑपरेशन सहित दुरुह और कष्टसाध्य स्थिति कभी भी बन सकती है । 

            वैसे भी वे शारीरिक कोशिकाएँ जिनकी उत्पत्ति व विखंडन का क्रम हमारे शरीर के गर्भधारण की प्रक्रिया के साथ प्रारम्भ हो जाता है और जो हमारे 5 से 6 फीट के शरीर में अरबों-खरबों की मात्रा में मौजूद रहते हैं उनका गणित यह रहता है कि आज हम जिस भी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं शरीर में उसकी उत्पत्ति का क्रम करीब 12 वर्ष पहले शुरु हो चुका होता है और उन कोशिकाओं को ही स्वस्थ करने व रखने के आधुनिक वैज्ञानिक फार्मूले पर यह कंपनी काम कर रही है । 

            जब भी आप ये फ्लेक्स ऑईल केप्सूल लेते हैं तो इसके गुणों से आपके शरीर में मौजूद जमी हुई वसा को पिघलाकर कुछ शरीर की पौष्टिकता में वृद्धि करने के उपयोग में और शेष अनावश्यक को मल-मूत्र द्वारा शरीर से बाहर निकलवाकर अपनी फेट (मोटापे अथवा बढे हुए वजन) के निदान के साथ ही  घुटनों व अन्य जोडों की बढती उम्र में घटती रहने वाली चिकनाई को व्यवस्थित रखने का एक और अन्य उपयोग शरीर को दिलवाते हैं जिसके कारण शरीर या तो जोडों के दर्द से बचा रहता है या यदि ये समस्या हो तो उसका उपचार भी इसकी मदद से स्वमेव होता रहता है ।

            अतः उपरोक्त किसी भी ऐसी दुसाध्य स्थिति से बचाव के क्रम में शुद्ध प्राकृतिक अलसी के अधिकतम गुणों को स्वयं में संजोये रखने वाले ये फ्लेक्स ऑईल केप्सूल हम निरापद रुप से शारीरिक स्वास्थ्य का अदृश्य बीमा मानते हुए समय-समय पर लेते रह सकते हैं और अपने शरीर का इन विपत्तियों से बचाव करते रह सकते हैं ।

            हमारे शरीर की रक्त नलिकाओं में मौजूद सभी प्रकार की अशुद्धियों की सफाई करने का कार्य अत्यंत सुचारु रुप से करने में सक्षम ये फ्लेक्स ऑईल जेल केप्सूल का 90 केप्सूल का पैक (शीशी) 515/- रु. मूल्य का यदि आपके क्षेत्र में उपलब्ध हो तो आप इन्हें आसपास से खरीदकर अपने दैनिक आहार में शामिल कर आपके अमूल्य ह्दय की न सिर्फ आज बल्कि आने वाले लम्बे समय तक सुरक्षा बनाये रख सकते हैं और यदि यह आपके क्षेत्र में उपलब्ध न हो पावे तो मात्र 65/- रु. पेकिंग व कोरियर खर्च व 25/- रु. बैंक शुल्क के अतिरिक्त रुप से वहन करते हुए 600/- रु. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की 'इन्दौर साधना नगर ब्रांच' का उल्लेख करते हुए सेविंग A/c No. 53014770506 में सुशील कुमार बाकलीवाल के नाम से जमा करवाकर स्लिप की फोटो प्रति मोबाईल नंबर +91 91799 10646 पर हमें WhatsApp मेसेज द्वारा अपना नाम व पूरा पता भेजते हुए घर बैठे प्राप्त कर अपने व अपने परिजनों के लिये इसका लाभ नियमित  रुप से ले सकते हैं । इसी नंबर पर आप कभी भी हमसे सम्पर्क भी कर सकते हैं ।

           यदि आप उच्चतम गुणवत्ता से परिपूर्ण उपरोक्त फ्लेक्स ऑईल केप्सूल मंगवाने के लिये पूरे पैसे एडवांस में नहीं भेजना चाहें तो आपके लिये दूसरा विकल्प यह भी हो सकता है कि आप सिर्फ 100/- रु. का अग्रिम पोस्टल म. ऑ. हमारे नीचे के पते पर पोस्टेज व पैकिंग खर्च हेतु पहले भेजकर शेष 500/- रु. की वी. पी. पार्सल द्वारा इसे पहले प्राप्त करलें और अपने पोस्टमेन को यह रकम जो म. ऑ. खर्च मिलाकर 525/- रु. होगी का भुगतान कर उससे इसे प्राप्त कर लें ।

            कृपया ध्यान दें - यदि आप अग्रिम 100/- रु. भेजकर इसे मंगवाना चाह रहे हैं तो सिर्फ पोस्टल म. ऑ. ही भेजें क्योंकि यदि आप यह 100/- रु. बैंक खाते में जमा करवाएंगे तो बैंक इस पर भी 25/- रु. अपने सेवा शुल्क के काट लेगा और तब आपको 500/- रु. की बनिस्बत 525/- रु. की वी. पी. पार्सल स्वीकार करना होगी । किंतु यदि आप पूरे पैसे पहले जमा करवाना चाहें तो सिर्फ कुल 600/- रु. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की उपरोक्त 'इन्दौर साधना नगर ब्रांच' का उल्लेख करते हुए सेविंग A/c No. 53014770506 में जमा करवाकर मोबाईल नंबर +91 91799 10646 पर हमें सूचित कर रजिस्टर्ड पोस्ट द्वारा शेष बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के घर बैठे फ्लेक्स ऑईल के 90 केप्सूल की यह शीशी प्राप्त कर इसके द्वारा व्यवस्थित स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं ।

           पोस्टल म. ऑ. यदि भेजना चाहें तो निम्न पते पर भेजें-

 Sushil Bakliwal
"Prabhukripa", 586, Kalani Nagar, Aerodrome Road, INDORE-452005. (M. P.)  

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