शुक्रवार, 10 मई 2013

शराब कितनी खराब - फिर भी लोग पीते हैं क्यों ?


          हुई शाम उसका ख्याल आ गया ! जी हाँ यह ख्याल प्रतिदिन शाम होते ही प्रायः शराब के शौकीनों को अपनी गिरफ्त में ले लेता है और अपने इस शौक की पूर्ति हेतु ऐसे लोग शराब की इच्छापुर्ति की जुगाड बिठाने में लग जाते हैं । यह एक ऐसा शौक है जो कुछ मुंहलगे दोस्तों की महफिल से शुरु होता है, शायरों और गीतकारों के इसकी शान में गढे-पढे गये कसीदों को सुन-सुनकर परवान चढता है और इसके नशे की किक के आनन्द को महसूस कर बढते-बढते पहले परिवार में रिश्तों की समरसता को फिर आर्थिक स्थिति को और अंत में पीने वाले की भूख-नींद व पौरुषशक्ति कम होते-होते इनके लीवर, किडनी और सम्पूर्ण स्वास्थ्य को तहस-नहस कर डाक्टरों व अस्पतालों के चक्कर लगवाना प्रारम्भ करवाकर शीघ्र ही दुनिया से पियक्कड व्यक्ति का टिकिट भी कटवा देता है ।

          यदि आप अपने ईर्द-गिर्द ध्यान दें तो फिल्म संसार सहित आप पाएंगे कि आपके कई जान-पहचान वाले चेहरे इस आदत से प्रेम रखने के कारण अपनी उम्र के 45-50 वर्ष भी पूर किये बगैर इस दुनिया से रुखसत हो लिये, बाद में उनके पत्नी व बच्चों को किन संघर्षपूर्ण स्थितियों से गुजरते हुए अपना शेष जीवन व्यतीत करना पडता है उसकी कल्पना भी ये लोग शराब से प्रेम रखने के अपने शौकिया दौर में कभी ख्याल में भी नहीं ला पाते जबकि अन्य लोगों के वे ही नजदीकी सम्बन्ध जिनके लिये दुनिया क प्रत्येक व्यक्ति अपना आर्थिक आधार बनाने व बढाने के भगीरथी प्रयास कर स्वयं को परिवार, समाज व दुनिया के सामने श्रेष्ठ सिद्ध कर जातो, ऐसे पियक्कड लोगों को इनकी शराब की नियमित लत दर-दर का भिखारी भी बना देती है । अतः यदि आपने नया-नया इसका सेवन प्रारम्भ किया ह तो कृपया इसके दूरगामी परिणामों को देखकर सतर्क हो जावें, यदि आप नियमित पीने के आदी हैं तो अपनी नियमितता को कभी-कभी के दायरे में लाते हुए इससे पूरी तरह से दूरी बनाना प्रारम्भ कर दें  और यदि आप इस नशे की गिरफ्त में इतना आगे आ चुके हैं कि इसे छोडने के बारे में सोच भी नहीं सकते तो इनके परिजन इनके खाने-पीने की वस्तुओं में कुछ ऐसे हेर-फेर करना प्रारम्भ कर दें जिससे कि ये जब भी शराब पीना चाहें इन्हें उल्टियां होने लगे और उसके स्वाद व आदत से इन्हें अरुचि भी हो जावे ।

          नियमित शराब पीने वाले और पियक्कडों की श्रेणी में गिने जाने वाले व्यक्तियों के परिजनों को यह ध्यान रखना भी आवश्यक है कि इसे सिर्फ शारीरिक लत ही नहीं बल्कि एक किस्म की मानसिक बाध्यता समझते हुए वे जब-तब उनकी इस आदत को व्यंग का निशाना न बनाएँ बल्कि पूरे स्नेह व धैर्य से रोगी व्यक्ति का शराब छोडने के प्रति मनोबल बनाने का प्रयास भी करें ।



उपचार - उन व्यक्तियों के लिये जो शराब छोडना चाहते हों-
 
         1.   सेवफल के रस को बार-बार पीने से व भोजन के साथ सेवफल का अधिक सेवन करने से शराब की आदत छूट सकती है । उबले हुए सेवफल को यदि दिन भर में 3-4 बार सेवन किया जावे तो कुछ ही दिनों में शराबियों की शराब पीने की आदत छूटने के साथ ही प्रत्येक नशीली वस्तु से घृणा उत्पन्न हो जाती है ।


          2.   नई देशी अजवायन 500 ग्राम लेकर उसे अधकूट करलें व किसी मिट्टी, शीशे या कलई के बर्तन में उसे 8 किलो पानी में डालकर दिन भर गलने दें । रात को अजवायन मिश्रित उस पानी को आग पर चढाकर धीमी आंच पर काढा बनने तक (एक चौथाई मात्रा में जल बचने तक) पकाएँ व रख दें दूसरे दिन उस काढे को मसलकर व छानकर किसी बोतल में भर लें । फिर जब भी शराब पीने की इच्छा हो तो पहले इस अजवायन के काढे को चाय की चार चम्मच के बराबर मात्रा में शराब की ही तरह पी लें बाद में शराब पीने का प्रयास करें । इस प्रयोग से तीन-चार सप्ताह में शराब पीने की आदत छूट सकती है ।


होमियोपैथी उपचार-
 
          पहले दिन- रात को सोते समय साफ ठन्डे पानी से कुल्ले करके नक्सवामिका 200 शक्ति की 12 गोलियां हाथ लगाये बगैर कागज पर डालकर सीधे मुँह में डालकर चूस लें । एकाध गोली कम-ज्यादा होने से कोई फर्क नहीं पडेगा । गोली लेने के आधे घंटे पहले और आधे घंटे बाद तक अन्य कुछ भी खाना-पीना न करें । होमियोपैथी की सभी दवाईयों के प्रयोग में यह नियम अनिवार्य रुप से पालन करने योग्य है इसका ध्यान रखें ।


          दूसरे दिन- सुबह उठकर खाली पेट सिर्फ पानी से कुल्ले करके मुंह साफ करलें और सल्फर 200 शक्ति की 12 गोलियां  पूर्वोक्त विधि द्वारा मुंह में रखकर चूस लें, पेस्ट व मंजन भी आधा घन्टे बाद ही करें । फिर दिन भर कोई दवा नहीं लेनी है ।


          तीसरे दिन- एसिड सल्फ मदर टिंचर की 5-7 बूंद एक गिलास ठंडे पानी में अच्छे से घोलकर सुबह-सुबह पी लें फिर इसी तरह दूसरी खुराक दोपहर में 2-3 बजे के आसपास और तीसरी खुराक रात्रि में 8-9 बजे तक पी लें । इसी दिन रात को सोते समय नक्सवामिका 200 शक्ति की 12 गोली  कागज पर डालकर सीधे मुंह में रखकर चूस लें, फिर दिन में तीन बार एसिड सल्फ की 5-6 बूंदें और रात को सोते समय नक्सवामिका 200 शक्ति की 12 गोलियों का यह प्रयोग चौथे, पांचवें, छठे और सातवें दिन भी जारी रखें ।


          आठवें दिन- सुबह उठकर सल्फर 200 शक्ति की 12 गोली चूस लें फिर उस दिन दिन भर दूसरी कोई दवा न लें और इस समूचे दवा के क्रम को (पहले दिन रात को सोते समय साफ ठन्डे पानी से कुल्ले करके नक्सवामिका 200 शक्ति की 12 गोलियां,  दूसरे दिन- सुबह उठकर खाली पेट सिर्फ पानी से कुल्ले करके मुंह साफ करलें और सल्फर 200 शक्ति की 12 गोलियां पूर्वोक्त विधि द्वारा मुंह में रखकर चूसना, तीसरे दिन से सातवें दिन तक दिन में तीन बार एसिड सल्फ की 5-6 बूंदें और रात को सोते समय नक्सवामिका 200 शक्ति की 12 गोलियों का नियमित प्रयोग और आठवें दिन- सुबह उठकर सल्फर 200 शक्ति की 12 गोली चूस लें फिर उस दिन दिन भर दूसरी कोई दवा न लें, 29 दिन तक उपचारक्रम की इसी सायकिल को नियमित रखें तो किसी भी शराब का सेवन करने वाले व्यक्ति की शराब हमेशा के लिये छूट जावेगी ।
 
          यदि शराब के सेवन के प्रभाव से शराबी व्यक्ति के पेट में पीडा या बैचेनी हो तो सल्फर 200 शक्ति वाले दिन को छोडकर शेष दिनों में अन्य दवाएं लेते हुए एक घंटे का अंतर रखते हुए फास्फोरस 30 शक्ति की 12 गोली सुबह और 12 गोली शाम को मुंह में डालकर चूस लें व समस्या खत्म होने पर सेवन करना बन्द करदें । यदि शराबी व्यक्ति को कमजोरी का अनुभव होता हो तो एसिडफास मदरटिंचर की 5-6 बूंद आधा कप पानी में डालकर सुबह-शाम भोजन करने के आधा घंटे बाद पी लें, इससे हाथ-पैरों का दर्द, शारीरिक व मानसिक दुर्बलता, चिडचिडापन दूर हो सकेंगे । यदि शराबी को नींद न आती हो तो अवेना सटाईना मदर टिंचर की 15 बूंद आधा कप पानी में घोलकर सुबह-शाम लें लाभ होने पर दवा बन्द कर दें । 


          इन उपायों को करने के बाद भी यदि व्यक्ति शराब पीना न छोडे तो उसे शराब पीते ही उल्टियां होने लगेंगी । अन्य कोई साईड इफेक्ट या नुकसान इससे नहीं होंगे । किसी-किसीको पतले दस्त लग सकते हैं और किसी के मुंह में छाले भी हो सकते हैं, यदि ऐसा हो भी तो इन दोनों समस्याओं का अलग से कोई उपचार करने की आवश्यकता नहीं है ये समस्या खुद-ब-खुद ठीक हो जाएंगी ।


                                          (समस्त होमियोपैथी उपचार डा. श्रीमती साधना चौधरी - भोपाल द्वारा साभार.)

  
उन व्यक्तियों के लिये जो शराब छोडने को तैयार न हों-
 
          ऐसे व्यक्तियों के परिजन कृपया ई-मेल आई डी sushil28bakliwal@gmail.com पर सम्पर्क कर इस समस्या के समाधान का प्रयास कर सकते हैं ।

   

2 टिप्‍पणियां:

  1. आजकल की मुख्य समस्या के समाधान का बहुत ही उपयोगी आलेख, आभार.

    रामराम.

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