रविवार, 12 जून 2016

कामशक्ति वर्द्धक योग -


            पिछले कुछ समय में कुछ जानकारी इस ब्लॉग पर इसके नियमित पाठकों ने प्रतिस्पर्धा व तनावों से बढते जीवनक्रम में यौनेच्छा में कमी और उसके कारण संतानोत्पत्ति के मार्ग में आ रही बाधाओं को दूर कर सकने योग्य जानकारी व्यक्तिगत अथवा ब्लॉग माध्यम से जानने की ईच्छा जाहिर करते हुए हमारे ई-मेल पर मांगी है । चूंकि यह स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों का ब्लॉग है और ऐसी जानकारी भी स्वास्थ्य के एक अनिवार्य स्तंभ के रुप में ही आती है, अतः इस पोस्ट के माध्यम से हम अपने पास उपलब्ध संबंधित जानकारी को इस माध्यम पर प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहे हैं । उम्मीद है कि ऐसे सभी पाठक जो इससे मिलती-जुलती समस्याओं की गिरफ्त में रहे हैं वे इसके द्वारा लाभ लेते हुए स्वयं को अथवा अपने निकटतम परिजन को समस्यामुक्त करवा सकने का प्रयास कर सकेंगे ।

            वैसे तो गुणवान संतान और कामसुख की कामना से वाजीकरण हेतु प्रयुक्त आयुर्वेदिक नुस्खों का प्रयोग कुशल चिकित्सक के निर्देशन में किया जाना ही उपयुक्त होता है । किंतु कुछ जानी-पहचानी आयुर्वेदिक औषधियां जिनके प्रयोग से शरीर को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान हुए बगैर न सिर्फ वाजीकारक बल्कि अन्य प्रकार के स्वास्थ्यलाभ भी प्राप्त होते हैं उनका उल्लेख हम यहाँ करने का प्रयास कर रहे हैं ।  व्यवहारिक तौर पर भी ये औषधियां वाजीकारक (शरीर को अश्वशक्ति प्रदान करने वाली) होने के साथ ही शरीर में मेधा, ओज, बल को बढाते हुए तनाव को कम कर सकने का गुण स्वयं में संजोये रखती हैं ।

            काम की प्रबल और सम्मोहक शक्ति को देखकर ही इसे देवता भी कहा गया है । आज की व्यस्ततम जीवनशैली, तनावभरी दिनचर्या और भौतिक सुख सुविधायें जुटाने की लालसा ने इस पवित्र कर्म के मूल में निहित भाव एवं उद्देश्य को समाप्त कर दिया है । काम आज दाम्पत्य जीवन की औपचारिकता भर रह गया है, इन्ही कारणों से यौन संबंधों को लेकर असंतुष्ट युगलों की संख्या में निरंतर इजाफा हो रहा है, ऐसी स्थिति में आयुर्वेद एवं आयुर्वेदिक औषधियां मददगार हो सकती है जिनका प्रयोग वैद्यकीय निरीक्षण में अथवा प्रायोगिक तौर पर अल्प मात्रा से शुरु होते हुए नियंत्रित अनुपात में होना चाहिए-

            1.  असगंध, विधारा, शतावर, सफ़ेद मूसली, तालमखाना बीज व  कौंच बीज प्रत्येक 50-50 ग्राम की मात्रा में लेकर दरदरा कर कपडे से छान लें तथा इसमे 350 ग्राम मिश्री भी पीसकर मिला लें, इस नुस्खे को 5-10 ग्राम की मात्रा में सुबह शाम ठन्डे दूध से लें, लगातार एक माह तक लेने से यौन सामर्थ्य में पर्याप्त वृद्धि अवश्य होगी ।

          2.  दालचीनी, अकरकरा, मुनक्का और श्वेतगुंजा को एक साथ पीसकर इन्द्रिय पर लेप करें तथा मिलाप के समय कपडे से इसे पोछ दें, यह योग इन्द्रियों में रक्त के संचरण को बढाकर स्तंभन व उत्तेजना दोनों ही स्थितियों को अधिक बेहतर बनाता है ।

            3. शुद्ध शिलाजीत 500 मिलीग्राम की मात्रा में ठन्डे दूध में घोलकर सुबह शाम पीने से भी लाभ मिलता है ।

             4. यदि किसी पुरुष को शीघ्रपतन की शिकायत हो तो धाय के फूल, मुलेठी, नागकेशर व बबूलफली इनको बराबर मात्रा में लेकर इसमें आधी मात्रा में मिश्री मिलाकर, इस योग को 5-5 ग्राम की मात्रा में लगातार एक माह तक सेवन करने पर शीघ्रपतन की लज्जाजनक स्थिति से छुटकारा पाने में पर्याप्त लाभ मिलता है ।

           5.  कामोत्तेजना को बढाने के लिए कौंचबीज चूर्ण, सफ़ेद मूसली, तालमखाना व अश्वगंधा चूर्ण को बराबर मात्रा में तैयार कर 10-10 ग्राम की मात्रा में ठन्डे दूध से सेवन करने पर शरीरबल में पर्याप्त वृद्धि का लाभ मिलता है ।

            ये चंद ऐसे नुस्खें हैं, जिनका प्रयोग यौनशक्ति, ऊर्जा एवं पुरुषार्थ को बढाने में सदैव मददगार सबित होता है । 

            मनुष्य के मस्तिष्क में सदैव दो तरह की बातें चलती रहती है, एक सकारात्मक तो दूसरी नकारात्मक । नकारात्मक सोच व्यक्ति के मन-मस्तिष्क पर हमेशा बुरा असर डालती हैं, जिसके कारण उसके उत्साह में कमी आती है । वहीं सकारात्मक सोच किसी भी कठिन कार्य को करने में उसे साहस प्रदान करती है, जिसके कारण उस व्यक्ति के मन-मस्तिष्क पर कोई प्रतिकूल प्रभाव प्रायः नहीं पड़ता ।

            हालांकि यदि अनुभवी बुजुर्गों के ज्ञान और आयुर्विज्ञान के अनुसार अपनी सेक्सुल पॉवर को बढ़ाने की बजाये
आप अपने को मानसिक रूप से तैयार कर अपनी शारीरिक ताकत के विकास की ओर ध्यान दें तो वैसे ही आपकी सेक्सुअल पॉवर अपने आप भी बढ़ जाएगी ।

            शारीरिक ताकत बढ़ाने के लिए आप नियमित रूप से लोकी, आंवला और एलोविरा जूस का सेवेन करें जो न सिर्फ आपकी इस ताकत को बल्कि आपके सर्वांग स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के श्रेष्ठ माध्यम साबित होंगे । 

            वैसे अकेला लौकी का जूस भी आपकी सेक्सुअल पॉवर को बढ़ाने में आपकी मदद करेगा, और उस पर यदि आप सामान्य शारीरिक कसरत यदि सप्ताह में चार-पांच दिन भी करते रह पाये तो यह स्थिति भी आपके लिये सोने पे सुहागे का काम करेगी ।
  


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