शनिवार, 18 जून 2016

एक श्रेष्ठ ऊर्जा संवाहक - कोलेस्ट्रम


              स्तनधारी जीवों में माँ के पहले दूध को कोलस्ट्रम कहते हैं । कोलस्ट्रम को जीवन का पहला 'सुपर फ़ूड' भी कहा जाता है । हम सब जानते हैं कि माँ का पहला दूध बच्चे के लिए कितना जरुरी होता है । यह जीवन भर उस बच्चे को रोगों से लड़ने की ताकत देता है, और  उसके शारीरिक और मानसिक विकास की पहली सीढ़ी होता है ।

           शायद यह किसी चमत्कार से कम नहीं की एक जीव का कोलस्ट्रम अन्य प्रजाति के जीव भी ग्रहण कर सकते हैं ।  भारत में सालों से गाय से प्राप्त किये कोलस्ट्रम को ग्रहण किया जाता रहा है । गाय के कोलस्ट्रम को सभी जीव ग्रहण कर सकते हैं ।  इसे गौ पियूष भी कहा जाता है ।  गौ पियूष की संरचना मानव कोलस्ट्रम के सर्वाधिक करीब है ।  

            कोलस्ट्रम में यह सब पाए जाते हैं :- सभी जरुरी फैट्स, सभी जरुरी एमिनो एसिड्स, ८० से ज्यादा विकास के लिए जरुरी तत्व,  ९० से ज्यादा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले तत्व.

           हमारे देश में उपलब्ध वेस्टिज कोलस्ट्रम गौ पियूष  बछड़े के जन्म के ६ घंटे के भीतर इकट्टा किया जाता है ।  इसके कुछ फायदे :-

            यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ता है ।

          रोगप्रतिरोधक क्षमता : कैंसर, डायबिटीज, एलर्जी, इंफेक्शन्स, ऑटो इम्यून रोग, त्वचा के रोग और बढ़ती उम्र के लक्षण यह सभी कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण हो सकते हैं ।  जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है, वह इन रोगों से मुक्त रहते हैं । कोलोस्ट्रम रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में उपलब्ध आहार पूरकों में सर्वश्रेष्ठ श्रेणी में आता है । 

            ज्यादातर सुक्ष्म जीवों पर अब एंटीबायोटिक्स का असर नहीं होता है । समय के साथ इन जीवाणुओं ने उपलब्ध एंटीबायोटिक्स के खिलाफ रेजिस्टेंस डेवेलोप कर लिया है ।  ऐसी स्थिति में कोलोस्ट्रम शरीर को प्राकृतिक रूप से सशक्त बनाता है ।  कई शोधों में कोलोस्ट्रम को वैक्सीन से ३ गुना ज्यादा प्रभावी पाया गया है ।  कुछ समय पहले स्वाइन फ्लू के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए भी कोलेस्ट्रम के इस्तेमाल की ख़बरों को आपने सुना होगा ।

          गाय से प्राप्त कोलोस्ट्रम इकलौता ऐसा पदार्थ है जो सूक्ष्म जीवी वायरस को भी समाप्त कर सकता है । 

            यह दांतों और हड्डियों की सेहत में बहुत लाभकारी है ।

           खिलाडियों और बॉडी बिल्डिंग में रूचि रखने वालों के लिए इससे अच्छा आहार पूरक नहीं हो सकता । इसे स्टेरॉइड्स से ज्यादा कारगर पाया गया है ।  यह मांसपेशियों के विकास में सहायक है और खेलों में होने वाली छोटी-मोटी चोटों का तेजी से समाधान कर देता है । धावकों और खिलाडियों द्वारा विश्वभर में इसका इस्तेमाल किया जाता है । यह उत्तकों की मरम्मत करता है, फैट को बर्न करता है, मेटाबोलिज्म को बढ़ता है और इसके साथ ही यह शारीरिक ताकत को बढाने का एक अभूतपूर्व स्त्रोत है।   (ऑस्ट्रेलियान शोध ) 

          एंटी एजिंग :- हमारा शरीर एक उम्र तक ही  'ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन' का उत्पादन करता है । बढ़ती उम्र के साथ इसका उत्पादन कम होता जाता है ।  यह हार्मोन एक एंटी एजिंग हार्मोन है ।  कोलोस्ट्रम प्राकृतिक तरीके से  'ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन'  के उत्पादन को बनाए रखता है ।

             नीचे शारीरिक रोगों की वह सूचि दी गई है, जिनमे कोलोस्ट्रम उपयोगी सिद्ध हुआ है  :- 

            कैंसर, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर लेवल, बोन डेंसिटी, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, शारीरिक क्षमता,  फ्लू की रोकथाम, हृदय की सेहत, लिकी गट सिंड्रोम,  जोड़ों का दर्द, मोटापा कम करना, आर्थराइटिस, अस्थमा, एच आई वी, अलसर, वायरल इन्फेक्शन, आँतों से जुडी समस्याओं आदि ।

            अतिरिक्त आहार पूरक के रुप में इसे लेने और इसकी मदद से अपनी शारीरिक कमजोरी व उपर वर्णित इन सभी रोगों से बचाव की ईच्छा रखने वाले सभी पाठक उपर वर्णित वेस्टीज कोलेस्ट्रम केप्सूल के रुप में इसे खरीदकर अपनी इन शारीरिक कमजोरी व रोगमुक्ति की दिशा में सकारात्मक पहल कर सकते हैं । अधिक आसान उपलब्धि के लिये ब्लाग लेखक - सुशील बाकलीवाल से मोबाईल संपर्क नंबर +91 91799 10646 पर भी सम्पर्क कर सकते हैं ।

 

0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें

आपकी अमल्य प्रतिक्रियाओं के लिये धन्यवाद...

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...