गुरुवार, 5 अप्रैल 2018

एसिडिटी से बचाव


            क्या आप जानते हैं, एसिडिटी की अवस्था में एलोपैथी की अधिक दवाईयों के सेवन से आपकी किडनी भी खराब हो सकती है ?

           जब हम खाना खाते हैं तो इस को पचाने के लिए शरीर में एसिड बनता है, जिसकी मदद से ही ये भोजन आसानी से पचता है इसलिये ये ज़रूरी भी है । मगर कभी-कभी ये एसिड इतना ज़्यादा मात्रा में बनता है कि इसकी वजह से सिरदर्द, सीने में जलन, पेट में अलसर और अलसर के बाद कैंसर तक होने की सम्भावना भी बन जाती है ।

          ऐसे में हम नियमित ही प्राय: घर में इनो या पीपीआई (प्रोटॉन पंप इनहिबिटर्स) दवा का सेवन करते रहते हैं । मगर आपको जान कर आश्चर्य होगा के ये दवायें सेहत के लिए बहुत खतरनाक हैं । पीपीआई ब्लड में मैग्नीशियम की कमी कर देता है । अगर खून पर असर पड़ रहा है तो किडनी पर असर पड़ना लाज़मी है । जिसका सीधा सा अर्थ ये है कि ये दवायें हमारी दूरगामी सेहत के लिए खतरनाक है ।

           कुछ ऐसे नासमझ लोग भी देखे जाते हैं जो एसिडिटी होने पर कोल्डड्रिंक पेप्सी या कोका कोला ये सोच कर
पीते हैं के इस से एसिडिटी कंट्रोल होगी । आगे चलकर ऐसे लोगो को फिर भगवान ही बचा सकता है ।

तो ऐसी स्थिति में कैसे करे इस एसिडिटी का इलाज-
 
           आज हम आपको बता रहे हैं भयंकर से भयंकर एसिडिटी का चुटकी बजाते आसान सा इलाज । ये इलाज आपकी सोच से कई गुना ज़्यादा कारगार है । और ये उपचार हर घर की रसोई की अनिवार्य आवश्यकता है ।  हर नमकीन पकवान इसके बिना अधूरा है और ये है आपकी रसोई में मौजूद जीरा ।  जी हाँ जीरा...

कैसे करे इसका उपयोग-
          जब भी आपको एसिडिटी हो जाए कितने भी भयंकर से भयंकर एसिडिटी हो आपको बस जीरा कच्चा ही चबा चबाकर या पीस कर खा लेना है । एसिडिटी के हिसाब से आधे से एक चम्मच (ढाई से पांच ग्राम) जीरा खाएं और इसके 10 मिनट बाद गुनगुना पानी पी लें । आप देखेंगे के आपकी समस्या ऐसे गायब हो जाएगी जैसे गधे के सर से सींग । 

           तो आप इस उपाय को अपने मस्तिष्क में सुरक्षित रखलें और जब भी आपको या आपके परिवार के किसी भी सदस्य को एसीडिटी के कारण सीने में जलन या खट्टी डकार जैसी समस्या सामने आवे तब इस आसान सी विधि से इसका उपचार कर अपने शरीर को अन्य बीमारियों से सुरक्षित रखें ।
 

6 टिप्‍पणियां:

  1. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, होनहार विद्यार्थी की ब्रांड लॉयल्टी “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  2. अच्छी जानकारी साझा की आपने

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  3. आजमाया हुआ हानि रहित नुस्खा है । कइयों को राहत दिला चुका है।

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  4. अच्छी जानकारी। अगली बार से ध्यान रखूँगा।

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आपकी अमल्य प्रतिक्रियाओं के लिये धन्यवाद...

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