शुक्रवार, 18 मार्च 2011

बेरंग न करदें होली के ये रंग.

  
      
          19 मार्च से प्रारम्भ होली का यह सतरंगी त्योंहार रंगपंचमी तक हमें चाहे-अनचाहे न सिर्फ रसायन व केमिकल मिश्रीत घातक रंगों के बल्कि उत्साह के चरमोत्कर्ष के समय धूल, मिट्टी व कीचड का भी रंगों की जगह प्रयोग करने वाले उत्पातियों के सम्पर्क में रखेगा । एक ओर इन केमिकल मिश्रीत रंगों के सम्पर्क में आने से जहाँ त्वचा में जलन व खुजली जैसी समस्याओं के साथ ही स्कीन एलर्जी व मुंहासों की समस्या का जनसामान्य को बहुतायद से सामना करना पडता है वहीं इनके आंखों में चले जाने से नजरों से जुडी समस्याएँ अंधत्व की सीमा तक प्रभावित व्यक्ति को हानि पहुँचा सकती हैं ।
 
         इनसे बचने के लिये प्राकृतिक रंगों के प्रयोग की यदि बात की जावे तो संभव है कि आप तो इन प्राकृतिक रंगों का प्रयोग कर रहे हों किन्तु आपके सामने वाले इन घातक रंगों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हों इस बात की कोई ग्यारन्टी नहीं होगी । यदि आप होली के इन रंगों से पूरी तरह दूर रहना चाहें तो भी सर्वत्र छूत की बीमारी जैसे आवेग के चलते ऐसी कोई श्योरिटी नहीं हो सकती कि आप वाकई
इससे दूर रह पावें । इन स्थितियों में इसके घातक प्रभावों से स्वयं को यथासम्भव बचाते हुए ही इस त्यौंहार को मनाना सर्वश्रेष्ठ विकल्प हो सकता है । और इनके दुष्परिणामों से बचने के लिये ये प्रारम्भिक उपाय हम सभी के लिये श्रेयस्कर हो सकते हैं-
 
          1. धुलंडी व रंगपंचमी के दिन अपने शरीर पर पर्याप्त मात्रा में माश्चराइस क्रीम अथवा सरसों या खोपरे का तेल लगाकर रहें, और यदि होली के माहौल में चलाकर शामिल होने जा रहे हैं तो इस उपाय का पहले ही विशेष  इन्तजाम करके निकलें जिससे कि सामने वाला पक्ष यदि आपके न चाहते हुए भी रसायनों व केमिकल मिश्रीत रंगों का आप पर प्रयोग कर रहा हो तो वे घातक रंग आपकी त्वचा से कम मेहनत में अधिक आसानी से शीघ्र छुडाए जा सकें ।
 
          2. रंग भरे गुब्बारे के आक्रमण से अपने चेहरे विशेषतः आंख व कान को बचाने के प्रति पर्याप्त सचेत रहने का प्रयास करें । अनुभवों से देखने में आया है कि पानी की तेज धार के साथ ही कान के पास आकर वेग से पडने वाले गुब्बारे हमारे कान के पर्दे को क्षतिग्रस्त कर हमेशा के लिये हमारी श्रवण शक्ति को प्रभावित कर सकते हैं और आंखों पर पडी रंगों की मार या आंख के पास आकर फूटने वाले गुब्बारे इनमें भरे रंगों के आंखों की पुतलियों में चले जाने से लम्बे समय तक के लिये आपको आंखों की अनचाही समस्याओं में उलझा सकते हैं । यदि आप अपनी आंखों पर कान्टेक्ट लेंस का इस्तेमाल करते हैं तो ये लेंस भी हमेशा के लिये खराब हो सकते हैं । इनसे बचाव के लिये होली वाले माहौल में भी सनग्लासेस के इस्तेमाल के साथ ही आंखों के आसपास पहले से क्रीम लगाकर रखें और सडक पर चलते हुए दुपट्टे या गमछे जैसे साधन से चेहरे को सुरक्षित रखने का प्रयास करें उसके बाद भी यदि आंखों में रंग चला जावे तो पहले उसे स्वच्छ पानी से साफ करें व यदि आवश्यक लगे तो चिकित्सकीय सलाह भी शीघ्र लें ।
 
           3. यदि आपको साइनस या सर्दी-जुकाम जैसी कोई समस्या है तो किसी भी रुप में गीले रंगों से खेली जाने वाली होली आपकी समस्या को बहुत अधिक बढवा सकती है । सांस लेने में कोई भी समस्या आप कम या ज्यादा महसूस करते हैं तो सूखे रंगों के प्रयोग वाले स्थान से बिल्कुल दूरी बनाकर रखें ।
 
           4. पहले सिर्फ गुलाल से खेली जाने वाली होली को प्रायः सुरक्षित समझा जा सकता था किन्तु अब मिलावट के इस युग में 4-6 घंटे गुलाल का प्रयोग भी आपको लम्बे समय तक सिरदर्द के साथ ही मितली आने, त्वचा पर दाने निकलने, व दमे जैसी सांसों की स्थाई तकलीफ की समस्या में धकेल सकता है । इसलिये इसे भी देर तक अपने चेहरे पर न टिकने दें व जल्दी-जल्दी इसे अपने चेहरे व शरीर से यथासम्भव साफ करते रहें । अपनी नाक व मुंह में भी रंग न जाने पावे इसका पूरा ध्यान रखें ।
 
           5. घर में बेसन व हल्दी का उबटन तैयार रखें और रंग खेलकर आने के बाद शरीर से रंग छूडवाने के लिये इसी उबटन का प्रयोग करें जिससे कि आपको त्वचा में जलन जैसी कोई समस्या नहीं हो जबकि सिर्फ साबुन विशेषकर कपडे धोने का साबुन व घासलेट जैसे माध्यमों से रंग छूडाने के प्रयास में आपको घंटों त्वचा में जलन की समस्या का सामना करना पड सकता है ।
 
          होली के रंगों से जुडी ऐसी किसी भी समस्या का बाद में सामना करने से अधिक बेहतर है कि बचाव के इन तरीकों का इस्तेमाल करते हुए ही होली के इस त्यौंहार का  निर्विघ्न आनन्द लिया जावे ।
       
होली के इस रंगारंग पर्व पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ...

8 टिप्‍पणियां:

  1. बचाव के ये तरीके वाकई बहुत उपयोगी हैं....

    रंगपर्व होली पर असीम शुभकामनायें !

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  2. बचने के तरीके अच्छे बताये आपने ..
    होली के सुअवसर पर आप और आपके परिवार को होली की हार्दिक बधाई

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  3. बहुत उपयोगी और सुंदर जानकारी.

    होली पर्व की घणी रामराम.

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  4. बहुत बढिया उपयोगी जानकारी धन्यवाद ........
    आपको होली की शुभकामनाये
    ...

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  5. बहुत उपयोगी और जानकारी...

    धन्यवाद ....

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  6. होली के पर्व की अशेष मंगल कामनाएं।
    आइए इस शुभ अवसर पर वृक्षों को असामयिक मौत से बचाएं तथा अनजाने में होने वाले पाप से लोगों को अवगत कराएं।

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    with hackers? My last blog (wordpress) was hacked and I ended up losing a
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    उत्तर देंहटाएं

आपकी अमल्य प्रतिक्रियाओं के लिये धन्यवाद...

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