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शनिवार, 29 जून 2013

किसी भी प्रकार की सूजन में उपयोगी - निर्गुण्डी.



          किसी भी प्रकार की भीतरी और बाहरी सूजन को दूर करने, दर्द और गैस को दूर करने के लिए उपयोगी  निर्गुण्डी जिसे कहीं-कहीं नेगड के नाम से भी जाना जाता है, की जितनी भी तारीफ की जाए वह कम है । 

          इसका पौधा सारे भारत मे, विशेषकर गर्म प्रदेशों में पाया जाता है । इसके पौधे से  तीव्र और अरूचिकर गंध आती है । अधिक पहचान के लिये इसके पत्तों को तीन-तीन के छोटे-छोटे समूहों में देखकर भी आसानी से पहचाना जा सकता है । इसका सबसे ज्यादा उपयोग सूजन दूर करने में किया जाता है । हर प्रकार की सूजन दूर करने के लिए प्रयोग विधि इस प्रकार है ।

          प्रयोग- इसके पत्तों को पानी में उबालें । पर्याप्त गर्म होने के बाद जब अच्छी भाप उठने लगे तब बरतन पर जाली रख दें । दो छोटे कपड़े पानी में भिगोकर निचोड़ ले । तह करके एक के बाद एक जाली पर रख कर गर्म करें । सूजन या दर्द के स्थान पर रख कर सेंक करें । 

          चोंट-मोंच का दर्द, जोड़ों का दर्द, कमर दर्द और वात प्रकोप के कारण होने वाला दर्द दूर करने के लिए भी यही उपाय बहुत गुणकारी है।

          कफ, बुखार व फेफड़ों में सूजन को दूर करने के लिए इसके पत्तों का रस निकालकर 2 बड़े चम्मच मात्रा में, 2 ग्राम पिसी पिप्पली मिलाकर दिन में दो बार सुबह शाम पीने व पत्तों को गर्म कर पीठ पर या छाती पर बांधने से शीघ्र आराम होता है।
 

शनिवार, 1 जून 2013

फल व सब्जियों की विषाक्तता से बचाव के लिये...



          आजकल बाजार में आने वाले अधिकांश फल व सब्जियां अधिक पैदावार व शीघ्र पकाव के व्यापारिक स्वार्थों के चलते विभिन्न कीटनाशकों व गंदे नालों के पानी से सिंचित होकर बाजार में आती हैं जिन्हें अलग से पहचान पाने का कोई तरीका उपभोक्ता के रुप में हमारे पास नहीं होता । हम कितना भी पौष्टिक व संतुलित भोजन करने का प्रयास करें, किंतु फलों व सब्जियों की पैदावार से जुडी इस विषाक्तता को जाने-अनजाने अपने परिवार के साथ खाते-पीते हैं ये स्थिति तत्काल कोई दुष्प्रभाव भले ही न दिखावें,  किन्तु धीरे-धीरे हमारे शरीर में स्लो पाईजन (धीमे जहर) का काम करते हुए हमें सामान्य से जल्दी रोगी बनाकर डाक्टरों की चपेट में पहुंचाने में मददगार बनती है ।

          एक अत्यन्त सरल व शून्य-खर्च तरीके से हम अपने परिवार सहित स्वयं को इस विषाक्तता से बचा सकते हैं-

          कोई भी फल व सब्जी जो हम खाने के काम में लें उसे सबसे पहले नमक मिश्रित पानी में कम से कम 10 मिनिट के लिये डालकर रख दें और दस मिनिट पश्चात् उस फल-सब्जी को उस नमकमिश्रित पानी से निकालकर उसे प्रयोग में लेने का हमारा जो भी तरीका है उसी तरीके से हम उसे काम में ले लें । निश्चय ही इस तरीके से आप फल व सब्जी की पैदावार से जुडी कीटनाशकों व गंदे पानी के प्रभावों को लगभग समाप्त कर रोगजनित अवस्था से इन्हें बचा लेने में कामयाब रहेंगे ।


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