शनिवार, 30 अक्तूबर 2010

बेहतर स्वास्थ्य अपना स्वयंसिद्ध अधिकार

         वर्तमान गहमा-गहमी के इस दौर में हम व हमारे परिजन नाना प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से जूझते हुए जी रहे है । जितने अधिक अस्पताल, डाक्टर और चिकित्सकीय शोध बढ रहे हैं उससे अधिक तेजी से रोग और शारिरीक समस्याएँ बढती जा रही है. उस पर समस्या यह भी कि निरन्तर बढती मँहगाई और चिकित्सा के क्षेत्र में बढते व्यापारवाद के कारण छोटी-छोटी समस्याएँ भी जनसामान्य को बडे चिकित्सकीय खर्चे में उलझाने के साथ उनके मानिसक संतुलन को भी बिगाड रही हैं ।
        ऐसी समस्याओं से बचाव के लिये यदि हम अपनी जीवनशैली में थोडी सी नियिमतता बनाए रखने का प्रयास करें तो सभी प्रकार की छूत की बीमारियां, मौसम के प्रभाव से उपजी बीमारियां और अपनी अनुचित खान-पान व जीवनशैली के कारण उपजी समस्त प्रकार की शारीरिक समस्याओं को स्वयं से दूर रखकर स्वस्थ जीवन जीने के प्रयास में कामयाब रह सकते हैं ।
        मैं न तो कोई वैद्य हूँ और ना ही कोई लेखक. लेकिन मध्यमवर्गीय परिवार में रहने के कारण इस किस्म की सभी समस्याओं से स्वयं को व अपने परिवार को बचाते चलने से अनेकों अवसरों पर धन व समय की अच्छी-खासी बचत के जो सुख मैंने महसूस किये उससे मुझे लगा कि ब्लाग विधा के माध्यम से भी ऐसी अधिक से अधिक उपयोगी जानकारी जनसामान्य के साथ बांटी जाना चाहिये और इस प्रयास में जो भी जानकारी जहाँ से भी मिल पावे उसका प्रचार सामान्यजन में कर उस ज्ञान को अधिकतम जनमानस तक पँहुचाने का प्रयास किया जाना चाहिये ।
        इसी विचारधारा के साथ मैं इस ब्लाग के द्वारा आपके सम्मुख उपस्थित हो रहा हूँ । यकीनन मेरा यह प्रयास कोई अनोखा प्रयास नहीं होगा क्योंकि समान सोच रखने वाले अन्य जानकार डाक्टर, वैद्य व लेखक भी इस विषय से सम्बन्धित जानकारी आपके समक्ष ला ही रहे हैं जिससे कभी-कभी नकल जैसा भ्रम भी बन सकता है किन्तु अधिकांशतः तो जानकारियों में नवीनता ही बढेगी ऐसा मेरा विश्वास है ।  यदि आपके पास भी ''पहला सुख निरोगी काया'' के सिद्धांत से जुडी इस प्रकार की उपयोगी समझी जाने जैसी सामग्री हो तो आप इस ब्लाग पर उसका प्रसारण अपने स्वयं के लेख के द्वारा करवा सकते हैं ।          
               आपका सदैव स्वागत रहेगा ।                                            सुशील बाकलीवाल

2 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही सुंदर सोच और सामयिक उद्देष्य, दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं.

    रामराम

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  2. hello sir muje slip disc ki problam he muje chalne me bahut kast hota he pijhle 7 month se yeh porblam he muje kuch aesa ilaaj bataye jis me fir dubara se chalne lagu .pl.....

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आपकी अमल्य प्रतिक्रियाओं के लिये धन्यवाद...

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