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रविवार, 29 जनवरी 2017

सर्दी में उपयोगी बाजरा.

 

            बाजरे की रोटी और इसका खिचडा जो प्रायः सर्दी के मौसम में बहुतायद से खाया जाता है इसका स्वाद जितना अच्छा है, उतने ही अधिक उसमें गुण भी रहते हैं ।
 
            बाजरे की रोटी खाने वाले को हड्डियों में कैल्शियम की कमी से पैदा होने वाला रोग आस्टियोपोरोसिस और खून की कमी यानी एनीमिया नहीं होता ।
 
            बाजरा लीवर से संबंधित रोगों को भी कम करता है ।
 
            गेहूं और चावल के मुकाबले बाजरे में ऊर्जा कई गुना है ।
 
          बाजरे में भरपूर कैल्शियम होता है जो हड्डियों के लिए रामबाण औषधि है । उधर आयरन भी बाजरे में इतना अधिक होता है कि इसका सेवन करते रहने वाले लोगों को खून की कमी से होने वाले रोग नहीं हो सकते ।
 
            खासतौर पर गर्भवती महिलाओं ने कैल्शियम की गोलियां खाने के स्थान पर रोज बाजरे की दो रोटी खाना चाहिए ।
 
           वरिष्ठ चिकित्साधिकारी मेजर डा. बी.पी. सिंह की सिक्किम में सेना में तैनाती के दौरान गर्भवती स्त्रियों को कैल्शियम और आयरन की जगह बाजरे की रोटी और खिचड़ी दी जाती थी । इससे उनके बच्चों को जन्म से लेकर पांच साल की उम्र तक कैल्शियम और आयरन की कमी से होने वाले रोग नहीं होते थे । इतना ही नहीं बाजरे का सेवन करने वाली स्त्रियों में प्रसव में असामान्य पीड़ा के मामले भी न के बराबर पाए गए ।
 
            इसीलिये डाक्टर बाजरे के गुणों से इतने प्रभावित है कि इसे अनाजों में वज्र की उपाधि देने में जुट गए हैं । 
             
            लीवर की सुरक्षा के लिए भी बाजरा खाना लाभकारी है । उच्च रक्तचाप, हृदय की कमजोरी, अस्थमा से ग्रस्त लोगों तथा दूध पिलाने वाली माताओं में दूध की कमी को दूर करने के लिये यह टॉनिक का कार्य करता है ।
 
            यदि बाजरे का नियमित रूप से सेवन किया जाय तो यह कुपोषण, क्षरण सम्बन्धी रोग और असमय वृद्ध होने की प्रक्रियाओं को दूर करता है ।
 
           बाजरे की खपत से शरीर प्राकृतिक रूप से शान्त होता है । यह एंग्जायटी, डिप्रेशन और नींद न आने की बीमारियों में फायदेमन्द होता है । यह माइग्रेन के लिये भी लाभदायक है । इसमें लेसिथिन और मिथियोनिन नामक अमीनो अम्ल होते हैं जो अतिरिक्त वसा को हटा कर बेड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करते हैं ।
 
            बाजरे में उपस्थित रसायन पाचन की प्रक्रिया को संतुलित करते हैं । डायबिटीज़ में यह रक्त में शक्कर की मात्रा को नियन्त्रित करने में सहायक होता है । 

            इसलिये बाजरे का किसी भी रूप में सेवन न सिर्फ सर्दियों के मौसम में बल्कि सिमित मत्रा में सभी ऋतुओं में लाभकारी है ।
 

शुक्रवार, 27 जनवरी 2017

चिकनगुनिया सहित हर दर्द में उपयोगी दर्द निवारक तेल...

            
            चिकनगुनिया सहित कैसे भी शरीर दर्द को बगैर पेनकिलर टेबलेट लिये दूर करने वाले एक अद्भुत तेल को स्वयं अपने घर में बनाकर उपयोग में ले सकें ऐसे उपयोगी तेल के लिये आवश्यक सामग्री :-
 
        50  ग्राम सरसों का तेल
        50  ग्राम तिल का तेल
        15  लौंग
        1  टुकडा दालचीनी
        2  टेबल स्पून अजवायन
        1  टेबल स्पून मेथी दाना
        1  छोटा टुकडा अदरक पिसा हुआ
        1  टी स्पून हल्दी
        2  बडे पीस कपूर
        1  टेबल स्पून एलोवेरा जैल
 
विधि :-
            कढाई मे दोनो तेल डाल कर पहले तेज आंच पर गर्म करें फिर गैस को धीमी करके हल्दी और कपूर को छोड कर  सारी सामग्री इसमें डाल दें, जब तक सारी वस्तुएँ जल न जाएं और उन का सत तेल मे ना आ जाए, जिसमें करीब 25-30 मिनिट का समय लग सकता है तब तक इन्हें तेल में धीमी आंच पर पकने दें । जब तेल का रंग गहरा हो जाए तब गैस बंद कर दें और उसमे हल्दी व कपूर मिला दें । जब तक कपूर घुल ना जाए तब तक तेल को ठंडा होने दें फिर इस तेल को छान कर एक शीशी मे भर कर रख लें, शरीर में कैसा भी तेज  दर्द हो,  इस तेल की मालिश से दूर हो जाएगा ।
 
            कृपया कोई भी पेन किलर टेबलेट डॉक्टरी परामर्श के बगैर ना खाएँ । चिकनगुनिया मे  ये तेल बहुत असरदार है । स्वयं बनाकर व प्रयोग  करके देखें जिन्हे ऐसी कोई भी तकलीफ हो।
 
            चिकनगुनिया में पैरो में और जॉइंट पेन ज्यादा होता है । यह तेल 100% फायदेमंद है लगाते ही पहले दिन से आराम आना शुरू हो जाएगा । पूर्ण आराम होने तक दिन मे 3 बार नियमित मालिश करें।


गुरुवार, 26 जनवरी 2017

अलसी के तेल के जीवनरक्षक फायदे


             पूर्व पोस्ट 'जीवनदायिनी प्राकृतिक अलसी - नया नजरिया' केे   उपयोगिता के मान से लोकप्रिय होने के बाद अब जानिए सिर्फ अलसी के  तेल के फायदे

            फ्लेक्स सीड ऑईल - जिसे अलसी के बीज का तेल या लिनसीड ऑईल भी कहा जाता है, इसमें मानव शरीर के लिये परम स्वास्थ्योपयोगी ओमेगा-3 विटामिन जो अधिकांशतः मछली के तेल में व कुछ अंशों में अखरोट में ही पाया जाता है वह इसमें मछली के तेल के मुकाबले पूर्णतः शाकाहारी होने के बावजूद भी 50% अधिक मात्रा में उपलब्ध होता है एवं हमारे शरीर के लिये परम उपयोगी लिग्नेंस (lignans) भी अनाज से कई गुना अधिक मात्रा में उपलब्ध रहता है । 

            यह शरीर की कई बिमारियों व इनके मिलते-जुलते लक्षणों के उपचामें बहुत लाभदायक है जैसे -
            Cardiovascular system,
            Immune system,
            Circulatory system,
            Reproductive system,
            Nervous system,
            Joints pain,
            Heart disease
           आंत्र रोग जैसे Inflammatory Bowel syndrome,
            Arthritis,
            Unbalanced Heart Condition
            कर्क (cancer) रोग निवारक,
           एड्स मरीजों की हड्डियों के इलाज में सिर्फ इसी तेल के ले सकने की इजाजत होती है.

            यह केंसर (कर्क) रोग के दुष्प्रभाव को कम करने में अत्यंत मददगार है और कई तरह के केंसर (कर्क) रोगों को बढ़ने से रोकता है ।

              यह कैल्शियम को शरीर में समाने में मदद करता है ।

            मासिक धर्म से पूर्व के दर्द व कष्ट को भी कम करने में काफी उपयोगी है ।

            इसमें खनिज तत्व व विटामिन जैसे-
            Vitamin B1, B2, B6, Potassium, Lecithin, Magnesium, Fibre, Protein, Copper, Iron , Manganese, Phosphorous, Sodium, Zinc बेमिसाल हैं,  जो शरीर को बलवान और रोग प्रतिरोधी बनाते हैं ।

 
            खून को गाढ़ा होने से व थक्का बनने से रोकता है । Atherosclerosis

            ब्लड प्रेशर तकलीफ से पीड़ित मरीजों को राहत देता है ।

            रक्त पैलेट्स को कम चिपचिपा बनाता है ।

            जिगर की कार्यशैली को बढ़ाता है ।

            इन्सुलिन की आवश्यकता को कम करता है जिससे डायबिटीज  के रोगियों को आराम मिलता है ।

            नज़र तेज करता है और रंग दोष में सुधार लाता है ।

            वसा को पिघलाता है ।

             इसकी
मदद से मांसपेशियों की थकान से जल्दी उभर पाते हैं ।

           यह खराब कोलेस्ट्रोल कम करता है और ह्रदय के लिए रामबाण औषधि है ।

            किसी भी उपयोगिता के लिये कभी भी अलसी का तेल अथवा फ्लेक्स सीड केप्सूल Capsules मंगवाने  के लिए आप यहाँ भी सम्पर्क कर सकते हैं-
  
सुशील बाकलीवाल (मोबाईल नं. ) +91 91799 10646.

यह भी देखें-

जीवनदायिनी प्राकृतिक अलसी - नया नजरिया... 



सोमवार, 23 जनवरी 2017

स्वस्थ जीवन के लिये यह भी...

            

            बेहतर स्वास्थ्य हममें से प्रत्येक की चाहत भी होती है और आवश्यकता भी । शरीर को स्वस्थ रखने के लिये कब सोना-उठना,  क्या खाना-पीना, कितना घूमना-फिरना व किस प्रकार योग-प्राणायाम व एक्सरसाईज करना ये जानकारी कमोबेश विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं, ब्लॉग्स व जानकारी के अन्य अनेकों माध्यमों से प्रायः हम सभी को मिलती ही रहती है किंतु इन सबके बावजूद भी जब तक हमारे मन के सोचने व कुछ भी करने का तरीका सकारात्मक नहीं रह पाता तब तक रोगों के आक्रमण हमारे शरीर पर  होने का एक मार्ग तो बना ही रहता है । इसलिये यदि हम फिट व स्वस्थ रहने के सामान्य प्रचलित उपायों के साथ इन कुछ और बातों को भी यदि अपनी सोच और जीवनशैली में बनाये रखने का प्रयास कर सकें तो शरीर स्वास्थ्य की बेहतरी हेतु एक और एक ग्यारह वाले परिणामों को भी प्राप्त करने का सफल प्रयास किया जा सकता है ।
 
            हमारे इन प्रयासों में मुख्य रुप से क्रियान्वय हेतु ये हैं...

            1. प्रतिदिन 10 से 30 मिनट टहलने की आदत बनायें. टहलते समय चेहरे पर मुस्कराहट रखें ।

            2. प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट चुप रहकर बैठें ।

            3. पिछले साल की तुलना में इस साल ज्यादा पुस्तकें पढ़ें ।

           4. सीनियर सिटीजन की उम्र के बुजुर्गों और छोटे बच्चों के साथ भी कुछ समय व्यतीत करें ।

            5. प्रतिदिन खूब पानी पियें ।

           6.  प्रतिदिन कम से कम तीन लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिश करें ।

            7. अनावश्यक बहस पर अपनी कीमती ऊर्जा बर्बाद न करें ।

            8. अतीत के मुद्दों को भूल जायें, अतीत की गलतियों को अपने  नियमित साथियों को याद न दिलायें ।

            9. एहसास कीजिये कि जीवन एक स्कूल है और आप यहां सीखने के लिये आये हैं । जो समस्याएं आप यहाँ देखते हैं, वे पाठ्यक्रम का एक हिस्सा ही हैं ।

            10. एक राजा की तरह नाश्ता, एक राजकुमार की तरह दोपहर का भोजन और एक भिखारी की तरह ही रात का खाना खाएँ ।

            11. दूसरों से नफरत करने में अपना समय व ऊर्जा बर्बाद न करें. नफरत के लिए ये जीवन बहुत छोटा है ।

             12. आपको हर बहस में जीतने की जरूरत नहीं है, असहमति पर भी अपनी सहमति दें ।

            13. अपने जीवन की तुलना दूसरों से न करें ।

            14. गल्ति के लिये
गल्ति करने वाले को माफ करना सीखें ।

            15. ये सोचना आपका काम नहीं कि दूसरे लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं ।

             16. समय  सब घाव भर देता है ।
 
            17. ईर्ष्या करना समय की बर्बादी है, जरूरत का सब कुछ आपके पास है ।

             18. प्रतिदिन दूसरों का कुछ भला करने का प्रयास करें ।

          19. जब आप सुबह जागें तो अपने माता-पिता को धन्यवाद दें, क्योंकि माता-पिता की कुशल परवरिश के कारण ही आप इस दुनियां में हैं ।

            ये सभी हमारे मन से जुडे ऐसे अहसास हैं जो अन्य लोगों की हमारे प्रति नेक भावना बनवाने के साथ ही हमें अपने आप को भी स्वस्थ व प्रसन्न बने रहने में सहायक ही साबित होंगी ।

 

शनिवार, 21 जनवरी 2017

फायदे - अदरक का पानी पीने के...

            साधारण सी दिखने आने वाली अदरक को अगर चाय में थोड़ी सी भी डाल दी जाए तो यह चाय का स्वाद दोगुना कर देती है । औषधीय गुणों से भरपूर अदरक सिर्फ सर्दी जुकाम खांसी ही नहीं बल्कि कई बीमारियों से निजात दिलाती है । अदरक में शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं ।
 
            अदरक में 81% पानी, 2.5% प्रोटीन, 1% वसा, 2.5% रेशे और 13% कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है । साथ ही अदरक में आयरन, कैल्शियम, आयोडीन, क्लो‍रीन और विटामिन के साथ कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं ।  जानिए अदरक से होने वालें फायदों के बारें में ।  अदरक को आप ताजा या सूखा किसी भी तरह इस्तेमाल कर सकते है । अदरक एक मजबूत एंटीवायरल भी है । लेकिन आप ये बात नहीं जानते होगे कि अदरक का पानी पीने के भी ढेरो फायदे है । अगर सीमित मात्रा में इसका सेवन रोजाना किया जाएं, तो आप न जाने कितनी गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं । जानिए इसके फायदों के बारें में--
 
कैंसर से दिलाएं निजात...
            अदरक में कैंसर जैसी भयानक बीमारी से शरीर को बचाए रखने का गुण होता है । अदरक में कैंसर एंटी प्रोपर्टी पाई जाती है  जो कि कैंसर पैदा करने वाले सेल्स को खत्म करने में मददगार होती है । इसका सेवन करने से लंग्स, प्रोटेस्ट, ओवेरियन, कोलोन, ब्रेस्ट, स्किन और पेन्क्रिएटिक कैंसर से बचाव होता है ।
 
एसिडिटी, हार्ट बर्न से दिलाएं निजात...
            अगर आपको खाना खाने के बाद एसिडिटी और हार्ट बर्न की समस्या है, तो अदरक के पानी का सेवन करें। यह बॉडी में जाकर एसिड की मात्रा को कंट्रोल करता है। इसलिए खाना खाने के 10 मिनट बाद एक कप अदरक का पानी पिएं ।

पाचन तंत्र को
ठीक रखे...
            अदरक का पानी बॉडी मे डाइजेस्टिव जूस को बढ़ाता है ! इससे खाना डाइजेस्टिव करने मे सहायता मिलती है, जिससे कि आपका पाचनतंत्र ठीक तरीके से काम करता है ।
                            
मोटापे से निजात...                
            रोजाना अगर आपने अदरक के पानी का सेवन किया तो कुछ ही दिनो मे आपको मोटापे से भी निजात मिल सकेगी । इसका सेवन करने से आपके शरीर मे मेटाबोलिज्म की मात्रा बढ़ती है, जिससे कि आपको पेट की बढी हुई चर्बी से भी निजात मिल जाती है ।
                  
डायबिटीज करे कंट्रोल-                    
           अगर आपको डायबिटीज की समस्या है , तो आपको अत्यंत सीमित मात्रा में अदरक के पानी का सेवन करना चाहिये । इससे बॉडी का ब्लड सुगर लेबल कम हो जाता है जिससे डायबिटीज की समस्या काबू में  रहती है । 

 
सिरदर्द से राहत दिलाये -               
            अदरक का पानी आपको सिरदर्द से भी निजात दिला सकता है  । इसको पीने से आपकी ब्रेनसेल्स रिलेक्स होती है जिससे कि आपका सिरदर्द सही हो जाता है ।
                              
इम्यूनिटी को बढ़ाये-                         
            अदरक का पानी पीने से बॉडी की इम्यूनिटी बढ़ती है । इससे सर्दी- खांसी और वायरल इंफेक्शन का खतरा टलता है । साथ ही अन्य बीमारियों से भी बचाव हो जाता है ।
                      
कब्ज, कफ से दिलाये निजात-          
            अदरक मे ऐन्टीबैक्टीरियल प्रापर्टी होती है ! इसका पानी पीने से कफ, कब्ज की समस्या दूर होती है ।
           
ऐसे बनायें अदरक का पानी-              
            सबसे पहले पैन में एक कप पानी लेकर उबालें, फिर इसमें एक छोटा टुकड़ा अदरक का कूटकर डालें व 5 मिनट तक उबालने के बाद इसे ठंडा कर इसका सेवन करें व सामान्य से लगने वाले इस उपचार से उपरोक्त लाभ लें !

सावधान - अदरक के कुछ नुकसान भी...
            प्रेगनेंसी के समय ज्यादा अदरक भ्रूण के सेक्स हामोर्न पर प्रभाव डाल सकती है । ऐसी भी रिपोर्ट आई है कि अधिक अदरक के सेवन से गर्भपात भी हो सकता है । 
 
            यदि मधुमेह रोगी दवाई लेते हुए अदरक का भी सेवन करते हैं तो उनका ब्लड-शुगर लेवल खतरनाक तरीके से लो हो जाने का खतरा बढता है । इसलिये ऐसे सभी लोग जो किसी भी प्रकार की दवाई का सेवन कर रहे हों उन्हें अपने चिकित्सक की जानकारी में ही अदरक का सीमित मात्रा में  इस्तेमाल करना चाहिये ।

संकलन : संजय खरे - रीवां.

शुक्रवार, 20 जनवरी 2017

रोजाना पिएंगे दालचीनी वाला दूध तो नहीं होगी ये बीमारियां



            दूध अपने आप में पौष्टिक और स्वास्थवर्धक तो होता ही है। लेकिन जब हम दूध में कुछ आयुवेर्दिक चीजों को डालते हैं तब इससे दूध के फायदे दोगुने हो जाते हैं । हम बात कर रहें दूध में दालचीनी के चूर्ण को मिलाकर पीने की । दूध में दालचीनी चूर्ण को मिलाकर पीने से कई खतरनाक बीमारियां खत्म हो जाती हैं । आइए जानते हैं दालचीनी वाले दूध को पीने के फायदों के बारे में...
 
कैसे बनाए दालचीनी वाला दूध ?
 
            जब आप दूध में दालचीनी के चूर्ण को मिलाते हैं तब दूध के अंदर एंटी बैक्टीरियल गुण तेजी से बढ़ जाते हैं जिसकी वजह से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है और यह मधुमेह, चेहरे की समस्या और मोटापा आदि जैसी समस्याओं को भी ठीक कर देता है । इसे बनाने का तरीका
बहुत ही आसान है । एक कप गरम दूध में एक छोटी चम्मच दालचीनी का चूर्ण और एक चम्मच शहद को डालकर घोल लें और इसका सेवन करें ।
 
दालचीनी वाले दूध के फायदे-
 
            जिन लोगों को हड्डियों में दर्द और कमजोरी रहती हो वे दूध में एक छोटी चम्मच दालचीनी का चूर्ण और एक चम्मच शहद को मिलाकर रोज सेवन करें ।  इस उपाय से कमजोर हड्डियों में ताकत आती है । इसके अलावा यह गठिया की समस्या को भी ठीक करता है ।
 
            कैंसर जैसी घातक और जान लेवा बीमारी से बचने के लिए नियमित दालचीन वाले दूध में शहद को मिलाकर पिएं ।  इस दूध में कैंसर रोधी गुण होते हैं ।
 
            दालचीनी से बना दूध गले की मुख्य समस्याओं जैसे गले का दर्द व गले में खराश बने रहना आदि को आसानी से खत्म कर देता है ।
 
            चेहरे की दाग धब्बों की समस्या व बालों का कमजोर होना शरीर की कमजोरी व पोषण की कमी की वजह से होता है । जब आप दालचीनी वाला दूध पीते हैं तब यह दूध शरीर के अंदर जाकर काम करता है और आपके चेहरे और बालों से जुड़ी हर समस्या को ठीक कर देता है ।
 
            टाइप -2 डायबिटीज से परेशान लोगों को दालचीनी से बने दूध का सेवन करना चाहिए । दालचीनी वाला दूध ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करता है और यह आपको डायबिटीज की बीमारी में फायदा देता है ।
 
            कई बार यह समस्या हो जाती है कि खाना शरीर में पचता नहीं है जिस वजह से गैस व एसिडिटी बढ़ने लगती है व अपच भी होने लगती है । दालचीनी से बना दूध आपकी ये सारी समस्याएं पल भर में खत्म कर सकता है ।
 
            रात को सोने से पहले आप एक कप दालचीनी वाला दूध का सेवन करें । आपको इससे बहुत ही अच्छी नींद आएगी और आपकी अनिद्रा की समस्या भी ठीक हो जाएगी ।
 
            दालचीनी वाला दूध आपको
तभी फायदे देता है जब आप इसका सेवन नियमित करते हैं । यह दूध पूरी तरह से आयुवेर्दिक है जिससे आपको किसी भी तरह का विपरीत प्रभाव नही होगा ।        

     

बुधवार, 18 जनवरी 2017

सेहत का रखवाला : लहसुन.

            भारतीय खाने में लहसून का स्वाद नया नहीं है, चाहे चटनी हो, तड़का या फिर सब्जी में स्वाद बढ़ाने के लिये डाला गया हो, लहसुन किसी भी व्यंजन का स्वाद बढ़ाने के लिये काफी होता है । परन्तु सिर्फ स्वाद ही नहीं लहसुन आपकी सेहत की अनेकों अनिवार्य जरुरतें भी पूरी करता है-

जानिये लहसुन सेवन के कुछ प्रमुख लाभ :-
 
1 दिल को रखे सेहतमंद-
 
            लहसुन रक्त नलिकाओं (धमनियों) को लचीलापन देता हैं, ये रक्त का थक्का नही बनने देता और इसके प्राकृतिक एंज़ाइम्स रक्त को सुचारू रूप से पुरे शरीर में सामान प्रवाह में बहने में मदद करते हैं । लहसून फ्री ऑक्सिजन रैडिकल्स से हृदय की रक्षा करता है । इसके सल्फर यौगिक रक्त-कोशिकाओं (Blood Vessels) को बंद होने से बचाते हैं ।

            लहसुन और शहद को मिलाकर खाने से दिल तक जाने वाली धमनियों में जमी वसा निकल जाती है, जिससे ब्‍लड सर्कुलेशन ठीक तरह दिल तक पहुंचता है ।

2. सर्दी-जुकाम का करे खात्‍मा
 
            लहसुन और शहद के मिश्रण को खाने से सर्दी-जुकाम के साथ ही साइनस की तकलीफ भी काफी कम हो जाती है, यह मिश्रण शरीर की गर्मी बढ़ाता है और बीमारियों को दूर रखता है ।

3. इम्‍यून सिस्‍टम को करे मजबूत
 
            लहसुन और शहद के इस मेल से इम्‍यून सिस्‍टम मजबूत होता है और इस वजह से शरीर मौसम की मार से बचा रहता है ।

4. डिटॉक्‍सीफिकेसन
 
            लहसुन और शहद का मेल एक प्राकृतिक डीटॉक्‍स मिश्रण है, जिसे खाने से शरीर की गंदगी और वेस्‍ट मटेरियल साफ हो जाते हैं ।

5. फंगल इंफेक्‍शन से बचाए
 
            फंगल इंफेक्‍शन शरीर के कई भागों पर हमला करते हैं लेकिन एंटीबैक्‍टीरियल गुणों से भरा लहसुन बैक्‍टीरिया को खत्‍म कर शरीर को कमजोर होने से बचाता है ।

6. गले के इंफेक्‍शन में लाभदायक
 
            लहसुन को शहद के साथ लेने से गले का संक्रमण दूर होता है क्‍योंकि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण हैं. यह गले की खराश और सूजन को कम करता है ।

7 ब्लड-प्रेशर नियंत्रित करे-
 
            लहसुन का एलीसीन यौगिक रक्तचाप को कम करने में मदद करता है । इसलिये जिन्हें ब्लडप्रेशर की शिकायत है उन्हें सुबह-सुबह लहसुन कच्चा खाने की सलाह दी जाती है ।

8 कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करता है-
 
            लहुसन का एलिसिन एन्ज़ाइम्स रक्त के ट्राइग्लिसराइड को कम करने में मदद करता है, जो बेड कोलस्ट्रोल को कम करने में सहायता करता है । यह धमनियों के प्लैक (Plaque) के उत्पादन को भी कम करता है ।

9 कैंसर से बचाये-
 
            लहुसन में एलियल सल्फाइड (Allyl Sulphides) होता है जो कैंसर को रोकता है और फैलने नही देता ।

10 ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है-
 
            लहसुन खाने से शरीर इन्सुलिन के स्तर को बढ़ाकर ब्लड-शगुर को नियंत्रित रखता है । अगर आप मधुमेह (Diabetic) रोगी हों तब आप इसका सीमित उपयोग कर इसका लाभ लें सकते हैं ।

            लहसुन का सेवन सुबह खाली पेट करने पर शरीर को इसके सर्वाधिक लाभ प्राप्त होते हैं यही नहीं बल्कि कुछ जानकारों के मुताबिक शहद में पूर्व से
मिश्रीत अधकूटी लहसुन की दो-तीन कच्ची कलियां सुबह-सुबह खाकर आधे घंटे तक दूसरी कोई भी सामग्री नहीं खाने-पीने से व्यक्ति की यौन क्षमता (Sex Power) में भी जबर्दस्त सुधार होता है ।


गुरुवार, 5 जनवरी 2017

सफ़ेद दाग : निदान के घरेलू उपचार



          अनेक व्यक्तियों की त्वचा पर कभी किसी विशेष कारण से सफेद दाग की विकट समस्या उत्पन्न हो जाती है । यदि आपके परिचित या परिजनों में कोई इस समस्या से ग्रसित दिखे तो उन्हें इन घरेलू उपचार से इससे मुक्ति पाने की राह दिखाएँ-

           1.  तुलसी का तेल बनायें, जड़ सहित एक हरा भरा तुलसी का पौधा लायें, धोकर व कूटपीस कर इसका रस निकाल लें । आधा लीटर पानी व  आधा किलो सरसों के तेल में इस रस को डालकर हल्की आंच पर पकाएं सिर्फ तेल बच जाने पर छानकर शीशी में भर लें। अब इसे सफेद दाग पर लगायें ।

            2.  लहसुन के रस में छोटी हरड घिसकर लेप करने तथा लहसुन का सेवन भी करते रहने से धीरे-धीरे ये दाग मिट जाते हैं ।

           3.  एलोवेरा जेल आधा कप मात्रा में रोज सुबह लेते रहने से सफ़ेद दाग नियंत्रण में आ जाते हैंं ।

           4.  गोभी के पत्तों का रस निकालकर उसे प्रभावित जगहों पर लगाएं ।

           5.  एक चम्मच चावल के  पाउडर को, समान मात्रा में चंदन पाउडर और हल्दी पाउडर के साथ मिलाकर इस मिश्रण में  2 चम्मच (चाय के) .शहद मिलाकर लेप बनावें और इसे प्रभावित स्थान पर लगाएँ व  10 मिनट के बाद धो डालें. यह एक सफाई एजेंट के रूप में कार्य करेगा और सफेद धब्बे की उपस्थिति को रोकेगा ।

           6.  छाछ भी इसके उपचार में उपयोगी मानी जाती है और दिन में दो बार इसे एक-एक गिलास की मात्रा में पीने की सलाह दी जाती है । 

           7.  उडद को पानी में गलाकर व पीसकर इसके लेप को चार महिने तक प्रभावित स्थान पर लगाने से भी इस समस्या का निदान होता है । और

           8.  125 ग्राम पीसी हुई हल्दी को 500 ग्राम स्प्रिट में मिलाकर कांच की शीशी में कार्क या ढक्कन लगाकर धूप में रख दें और दिन में तीन बार अच्छी तरह से हिलाकर तीन दिन तक इसी प्रकार धूप देते रहें । पश्चात् इसे छानकर कांच की शीशी में ही भरकर रख लें और प्रतिदिन हल्दी के इस टिंचर को सफेद दाग वाले स्थान पर लगाते रहें । इसके साथ ही एक चम्मच हल्दी सुबह-शाम दो बार गर्म दूध के साथ फंकी लेकर सेवन करते रहें । इस प्रकार 4 से 6 महिने के धीरज के साथ किये जाने वाले प्रयोग से पूर्ण लाभ मिल सकेगा ।

इसके अलावा-
           शरीर से विषाक्त पदार्थ जैसे- मल, मूत्र, पसीने काे बाहर निकालने वाले वेगों को  ना राेकें ।
            इस रोग में आपको मिठाई, रबड़ी, दूध और दही के  सेवन से बचना चाहिएं ।
 
          गरिष्ठ(भारी) भोजन का सेवन  व  उड़द की दाल,  मांस,  मछली आदि का सेवन बिल्कुल ना करें ।
            भोजन में खटाई, तेज मिर्च और गुड़ का सेवन ना करें ।
           ज्यादा नमक खाना आपके लिए हानिकारक हाे सकता हैं। इसलिए कम से कम नमक का सेवन करें ।



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