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गुरुवार, 21 जुलाई 2011

उचित खान-पान



शाम को चावल, दही, मूली न खाया कीजिये,
गर सुबह मिल जाये तो हर्गिज न छोडा कीजिये.

दाल-चावल को सभी खाते हैं सीधे से उबाल,
हर किसी सब्जी को ऐसे ही बनाया कीजिये.

कोई भी सामान मैदे का बना, हाजिम नहीं,
पेट को मिर्ची से जितना हो बचाया कीजिये.
 
मौसमी हर फल है रखता, आपकी सेहत दुरुस्त,
जिस भी कीमत पर मिले, इन सबको खाया कीजिये. 

साथ खाने के जरा पानी भी पीना है मुफीद,
बाद खाने के जरा सा गुड भी खाया कीजिये.
 
दोपहर भोजन के बाद, थोडा सा आराम हो,
शाम को भोजन के फौरन बाद टहला कीजिये.
 
जितना सादा-औ-कुदरती हो सके भोजन करें,
सौंफ, जीरा, आंवला, नींबू न भूला कीजिये.
 
पेश्तर खाने के अदरक-औ-नमक खाया करें,
लाल गाजर, हरा धनिया, खूब खाया कीजिये.
 
तबियत न हो खाने की गर, तो कतई मत खाईये,
जब कभी भी हो सके, उपवास रखा कीजिये.
 
खाना खाकर जल न पीना, और न जब भूख हो,
अच्छे पाचन के लिये यह याद रखा कीजिये.

फायदे यूं बहुत हैं, सच बात तो है यह 'फिदा',
जो पच सके आराम से, बस वो ही खाया कीजिये.

'फिदा बनारसी'

मंगलवार, 12 जुलाई 2011

कमर-दर्द (पीठ के दर्द) से बचाव के लिये-

           हमारे सामान्य शरीर स्वास्थ्य में कमर-दर्द की समस्या से हममें से अधिकांश लोगों का अक्सर सामना होता रहता है । वैसे तो इस समस्या के भी अलग-अलग व्यक्तियों में मोटापे व मधुमेह से सम्बन्धित स्थाई कारण हो सकते हैं जिनका रोग की गम्भीरता के मुताबिक समय रहते आवश्यक उपचार करवाना आवश्यक हो जाता है । किन्तु हम यहाँ सामान्य तौर पर उभरने वाले उस कमर-दर्द के बारे में विशेष रुप से चर्चा कर रहे हैं जो हमारे उठने, बैठने व सोने के गलत तरीकों के कारण किसी भी उम्र में अचानक हमें अपनी गिरफ्त में ले लेता है । ऐसे किसी भी आकस्मिक कमर-दर्द की स्थिति में बचाव हेतु-

          सौंठ को मोटा-मोटा (जौकूट) पीसकर रात्रि में सोने से पूर्व इस आधा चम्मच चूर्ण को दो-कप पानी में डालकर इतना उबालें कि यह पानी आधा कप बाकि रह जावे फिर इसे आंच से उतारकर ठण्डा करके छान लेने के बाद इसमें चाय के दो चम्मच भर मात्रा में अरण्डी का तेल (केस्टर आईल) मिलाकर सोते समय पी लें । इस प्रयोग से कमर, पेट व कूल्हे का दर्द दूर हो जाता है । 3-4 दिन के प्रयोग से इस समस्या से स्थाई राहत मिल सकती है ।

सहायक उपचार-
 
            1. बंगला पान में 1 ग्राम जायफल का चूर्ण डालकर खाने से कमर-दर्द से राहत मिलती है ।
 
            2. 100 ग्राम खसखस व 100 ग्राम मिश्री का चूर्ण बनाकर दो चम्मच चूर्ण सुबह शाम दूध के साथ लेने से कमर-दर्द दूर होता है ।
 
            3. तारपीन के तेल से कमर में मालिश करने से कमर दर्द दूर होता है ।
 
            4. होम्योपैथिक दवा - रसटाक्स, अर्निका, सिम्फाइटम, रुटा हाई पेरिकम सभी की 1000 शक्ति की समान मात्रा के मिश्रण की पांच-पांच बूंद आधे कप पानी में मिलाकर दिन में तीन बार पीने से कमर दर्द में पर्याप्त राहत मिलती है ।



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